चारधाम यात्रा से पहले बीकेटीसी में सीईओ नियुक्ति अधर में, प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल

देहरादून। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की स्थायी नियुक्ति अब भी लंबित है। यात्रा की तैयारियों के बीच सरकार ने फिलहाल इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को सौंपी है। ऐसे में समिति के प्रशासनिक प्रबंधन और यात्रा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने इस व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी के पास पहले से ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में बीकेटीसी जैसे संवेदनशील और व्यापक दायित्व वाले संस्थान का अतिरिक्त कार्यभार एक ही अधिकारी को सौंपना व्यावहारिक चुनौती पैदा कर सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि समिति में सीईओ पद पर किसी वरिष्ठ पीसीएस या कनिष्ठ आईएएस स्तर के राजपत्रित अधिकारी की पूर्णकालिक नियुक्ति की जाए।
नेगी ने कहा कि बीकेटीसी में केवल सीईओ पद ही नहीं, बल्कि एडिशनल सीईओ, डिप्टी सीईओ और केदारनाथ के कार्याधिकारी जैसे कई अहम प्रशासनिक पद भी रिक्त हैं। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासनिक ढांचे का मजबूत और पूर्ण होना आवश्यक है।
उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत बीकेटीसी बोर्ड की 9 जुलाई 2025 की बैठक के प्रस्तावों का हवाला देते हुए बताया कि बोर्ड ने सीईओ पद की अर्हताओं में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया था। इसमें 2023 की सेवा नियमावली में निर्धारित प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी की अनिवार्यता को हटाने का सुझाव दिया गया। नेगी का कहना है कि देश के अन्य प्रमुख श्राइन बोर्डों में आमतौर पर अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाती है, इसलिए बीकेटीसी में भी योग्यता और प्रशासनिक अनुभव को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने बोर्ड के उस प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई, जिसमें विशेष पूजाओं के लिए न्यूनतम 11 लाख रुपये की दर निर्धारित करने की बात कही गई थी। नेगी ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़े संस्थानों में बढ़ती व्यावसायिकता का संकेत बताया।
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होनी है। ऐसे में बीकेटीसी में शीर्ष पदों पर रिक्तियां और सीईओ नियुक्ति को लेकर जारी अनिश्चितता ने यात्रा प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। शासन सूत्रों के अनुसार नए सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और जल्द स्थायी निर्णय लिया जा सकता है।
