चमोली जिले के प्रवेश द्वार कमेड़ा के जखेड़ में 5 घंटे बंद रहा बद्रीनाथ हाईवे
कमेड़ा जखेड़ भूस्खलन से घंटों बंद रहा राष्ट्रीय राजमार्ग, बच्चे नहीं जा पाए स्कूल

-दिग्पाल गुसाईं की रिपोर्ट –
गौचर, 21 अगस्त । चमोली जिले के प्रवेश द्वार कमेड़ा के जखेड़ भूस्खलन क्षेत्र में गुरुवार तड़के भारी मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग करीब पाँच घंटे तक बाधित रहा। मार्ग बंद होने से गौचर क्षेत्र से नगरासू स्कूल जाने वाले बच्चे भी स्कूल नहीं पहुँच पाए।
कमेड़ा का जखेड़ भूस्खलन क्षेत्र वर्षों से शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कुछ महीने पहले एनएचआईडीसीएल ने इस क्षेत्र का ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया था, लेकिन बरसात शुरू होते ही हालात फिर पुराने जैसे हो गए। अब स्थिति यह है कि हल्की बारिश में भी मार्ग अवरुद्ध होना आम हो गया है। सोमवार को भी इस स्थान पर नौ घंटे तक मार्ग बंद रहा था।
गुरुवार को सुबह चार बजे के आसपास भारी मलबा गिरने से मार्ग बंद हुआ, जिसे करीब नौ बजे खोल दिया गया। इस दौरान गौचर क्षेत्र के लगभग 80 छात्र-छात्राएं, जो नगरासू स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल में पढ़ते हैं, स्कूल नहीं जा सके। विद्यालय की प्रधानाचार्या टिसा और प्रबंधक फादर जॉनी ने बताया कि वर्तमान में गौचर क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराई जा रही है। उनका कहना है कि एनएचआईडीसीएल द्वारा मार्ग बंद होने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती, जिससे अभिभावकों को स्वयं स्थिति देखकर बच्चों को सूचित करना पड़ता है।
स्थिति केवल जखेड़ भूस्खलन क्षेत्र तक सीमित नहीं है। कमेड़ा पेट्रोल पंप के समीप लगभग पाँच सौ मीटर लंबा हिस्सा भी धंस रहा है। यहां से विशेषकर हल्के वाहनों का गुजरना बेहद कठिन हो गया है। बताया जा रहा है कि जखेड़ भूस्खलन क्षेत्र में रात के समय प्रकाश व्यवस्था तक नहीं है और लोगों को टॉर्च की रोशनी से काम चलाना पड़ता है।
बहरहाल, कमेड़ा क्षेत्र के दोनों भूस्खलन स्थल अब स्थानीय लोगों के लिए नासूर बनते जा रहे हैं।
