उत्तराखंड में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जाएगा: मुख्यमंत्री धामी

गुप्तकाशी, रुद्रप्रयाग, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य के सीमांत जिलों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार के लिए शीघ्र ही सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित जानकारी एवं प्रशिक्षण के लिए नवाचार केंद्र (Innovation Centres) स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बुधवार को गुप्तकाशी में आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का उद्घाटन कर रहे थे। यह आयोजन उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) द्वारा किया गया। दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तथा ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस तरह के आयोजन सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
“नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर भारत आज अंतरिक्ष से लेकर ऊर्जा और संचार तक के क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी स्थापित की जा रही है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
उन्होंने जोड़ा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिलें, इसलिए अधिकांश सरकारी सेवाएँ अब ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारी को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बणसू जाखधार में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा भी की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत तथा सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित किया।
उन्होंने यूकॉस्ट की “रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड” पुस्तक का भी विमोचन किया। यह जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड विभिन्न विभागों की योजनाओं की सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा।
इस वर्ष के चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम रही —
👉 “जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ एवं आपदा जोखिम प्रबंधन का एकीकरण।”
इसका उद्देश्य छात्रों को जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आपदा जोखिम
