दिमाग़ में हलचल से मिटा पुराना दर्द

–uttarakhand Himalaya desk-
पुराने और असहनीय दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए विज्ञान ने नई उम्मीद जगा दी है। अमेरिका में हुए एक छोटे से अध्ययन में पाया गया कि दिमाग़ की गहराई में हल्की विद्युत तरंगें भेजकर दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्या है तरीका?
- डॉक्टरों ने मरीजों के दिमाग़ में पतले तार जैसे इलेक्ट्रोड लगाए।
- फिर उन्होंने देखा कि दर्द बढ़ने पर दिमाग़ के कौन से हिस्से सक्रिय हो जाते हैं।
- इन संकेतों को पहचानने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का सहारा लिया गया।
- जैसे ही दर्द के संकेत तेज़ हुए, इलेक्ट्रोड ने तुरंत हल्की विद्युत तरंगें भेजीं और दर्द कम हो गया।
मरीजों को कैसे मिला फायदा?
इस प्रयोग में 4 मरीज शामिल थे, जिनका दर्द कई सालों से ठीक नहीं हो रहा था।
जब उन्हें यह नई तकनीक दी गई, तो उनके दर्द की तीव्रता काफी घट गई।
वे पहले से ज्यादा चल-फिर पाए और कम दवाइयाँ लेनी पड़ीं।
विशेषज्ञों की राय
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तरीका अभी शुरुआती स्तर पर है, लेकिन इसमें अपार संभावनाएँ हैं।
डॉ. एडवर्ड चांग, जो कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में न्यूरोलॉजिकल सर्जरी विभाग के प्रमुख हैं, कहते हैं –
“इसका उद्देश्य सिर्फ दर्द कम करना नहीं, बल्कि दर्द से जुड़ी मानसिक और भावनात्मक तकलीफ़ को भी घटाना है।”
आगे की राह
अभी यह तकनीक सीमित मरीजों पर ही आज़माई गई है। लेकिन अगर बड़े पैमाने पर परीक्षण सफल रहे, तो भविष्य में लाखों लोगों को राहत मिल सकती है, जिन्हें दवाइयाँ और सर्जरी भी आराम नहीं दे पा रही हैं।
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