नयी दिल्ली, 1 फरबरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट का मुख्य केंद्र मिडिल क्लास को टैक्स में राहत देना, कृषि विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देना रहा है।

यहाँ बजट 2026-27 की प्रमुख विशेषताएं (Highlights) दी गई हैं:


1. इनकम टैक्स में बड़ी राहत (New Tax Regime)

इस बजट की सबसे बड़ी खबर मध्यम वर्ग के लिए टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाना रही।

  • ₹12 लाख तक की आय कर-मुक्त: नई टैक्स व्यवस्था के तहत अब ₹12 लाख तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा (₹60,000 की रिबेट के कारण)।

  • सैलरीड क्लास के लिए: ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ, प्रभावी रूप से ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।

  • नए टैक्स स्लैब: | आय (₹ लाख में) | टैक्स दर | | :— | :— | | 0 – 4 | 0% | | 4 – 8 | 5% | | 8 – 12 | 10% | | 12 – 16 | 15% | | 16 – 20 | 20% | | 20 – 24 | 25% | | 24 से अधिक | 30% |

2. कृषि और किसान कल्याण

  • प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: इसे 100 कम उत्पादकता वाले जिलों में शुरू किया जाएगा, जिससे लगभग 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे।

  • दालों में आत्मनिर्भरता: तूर, उड़द और मसूर के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष मिशन शुरू होगा।

  • मखाना बोर्ड: बिहार में मखाना के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ‘मखाना बोर्ड’ की स्थापना की जाएगी।

3. बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और निवेश

  • कैपेक्स (Capex): पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹11.21 लाख करोड़ (जीडीपी का 3.1%) कर दिया गया है।

  • शहरी चुनौती निधि (Urban Challenge Fund): शहरों के विकास के लिए ₹1 लाख करोड़ का कोष बनाया गया है।

  • उड़ान योजना: अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों को जोड़ने के लिए ‘उड़ान योजना’ का विस्तार किया जाएगा।

4. स्वास्थ्य और शिक्षा

  • कैंसर की दवाएं सस्ती: 36 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क (Customs Duty) से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।

  • मेडिकल सीटें: अगले 5 वर्षों में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

  • अटल टिंकरिंग लैब: नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्कूलों में 50,000 नई लैब स्थापित की जाएंगी।

5. अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं

  • बीमा क्षेत्र: इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% कर दी गई है।

  • सीनियर सिटीजन: वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स कटौती की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है।

  • MSME: सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए ऋण गारंटी की सीमा ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ की गई है।

  • राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): इसे जीडीपी के 4.4% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।