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सड़क हादसे में घायल लोगों को बड़ी राहत, 1.5 लाख रुपये तक मिलेगा कैशलेस इलाज

In accordance with the legal mandate under Section 162 of the Motor Vehicles Act, 1988, Cashless Treatment for Road Accident Victims Scheme, 2025 has been notified vide S.O. 2015(E) dated 05.05.2025. Furthermore, comprehensive guidelines detailing the process flow, roles and responsibilities of various stakeholders, and the Standard Operating Procedures (SOPs) for its implementation have been issued vide S.O. 2489 (E) dated 04.06.2025.

नई दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम और राहत भरा कदम उठाया है। अब सड़क हादसे में घायल किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी होगी। सरकार ने “सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना–2025” को अधिसूचित कर दिया है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का नकद रहित (कैशलेस) इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

यह योजना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत लागू की गई है और इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद इलाज में होने वाली देरी और आर्थिक बोझ को खत्म करना है। अक्सर देखा गया है कि सड़क हादसों के बाद समय पर इलाज न मिलने से लोगों की जान चली जाती है या गंभीर नुकसान होता है। इस योजना से ऐसे मामलों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

7 दिन तक मिलेगा कैशलेस इलाज

योजना के तहत सड़क दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। किसी भी प्रकार की सड़क—राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण या शहरी सड़क—पर हुई दुर्घटना में घायल व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है, बशर्ते दुर्घटना मोटर वाहन के उपयोग से हुई हो।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सुविधा सभी वर्गों के लोगों के लिए है और इसके लिए किसी आय प्रमाण पत्र या पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।

गंभीर और सामान्य मामलों के लिए अलग व्यवस्था

योजना के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को पुलिस की त्वरित कार्रवाई के तहत नामित अस्पताल में तत्काल भर्ती कराया जाएगा।

  • गैर-जानलेवा मामलों में 24 घंटे तक

  • जानलेवा या गंभीर मामलों में 48 घंटे तक
    स्थिरीकरण उपचार (स्टैबिलाइजेशन ट्रीटमेंट) अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाएगा।

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित को शुरुआती घंटों में जरूरी इलाज मिल सके, जो जीवन बचाने के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है।

आयुष्मान अस्पताल स्वतः होंगे शामिल

सरकार ने जानकारी दी है कि आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी अस्पताल इस योजना के लिए स्वतः नामित अस्पताल माने जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की अनुमति भी देगा।

इससे देशभर में बड़ी संख्या में सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ जाएंगे और पीड़ित को नजदीकी अस्पताल में इलाज मिल सकेगा।

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

इस योजना को पूरी तरह डिजिटल तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके लिए दो प्रमुख प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है—

  • ईडीएआर (eDAR): पुलिस द्वारा दुर्घटना की इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्ट

  • टीएमएस 2.0 (TMS 2.0): अस्पतालों द्वारा इलाज का विवरण, दावा और भुगतान प्रक्रिया

ईडीएआर सिस्टम वाहन पोर्टल से जुड़ा है, जिससे दुर्घटना में शामिल वाहन का बीमा स्टेटस तुरंत पता चल जाता है। इससे बीमा कंपनियों और सरकार के बीच भुगतान प्रक्रिया आसान हो जाती है।

अस्पतालों को 10 दिन में भुगतान

इलाज पूरा होने के बाद अस्पताल संबंधित दस्तावेजों के साथ राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) को दावा प्रस्तुत करेगा। दावे के सत्यापन और अनुमोदन के बाद 10 दिनों के भीतर अस्पताल को भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष से किया जाएगा। यदि दुर्घटना में शामिल वाहन बीमित है तो खर्च बीमा कंपनियां वहन करेंगी, जबकि गैर-बीमित मामलों में सरकार बजट से भुगतान करेगी।

112 से मिलेगा त्वरित सहयोग

दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS) को भी इस योजना से जोड़ा गया है। 112 पर कॉल करने पर ऑपरेटर पीड़ित को नजदीकी नामित अस्पताल तक पहुंचने में मार्गदर्शन देंगे और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी करेंगे।

हिट एंड रन मामलों में अलग मुआवजा

सरकार ने बताया कि हिट एंड रन सड़क दुर्घटनाओं के लिए पहले से एक अलग मुआवजा योजना लागू है। इसके तहत—

  • दुर्घटना में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये

  • गंभीर चोट लगने पर 50 हजार रुपये
    की अनुग्रह राशि दी जाती है।

हर नागरिक को मिलेगा लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना आयुष्मान भारत जैसी लाभार्थी आधारित नहीं है, बल्कि यह एक वैधानिक और सार्वभौमिक योजना है। यानी सड़क दुर्घटना का शिकार कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी वर्ग, राज्य या सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो, इस योजना का लाभ ले सकता है।

इस योजना की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी है। सरकार का मानना है कि यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने और समय पर इलाज सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।

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