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एमडी पीसी ध्यानी ने पावर ट्रांसमिशन सिस्टम का लिया जायजा

देहरादून। दीपावली पर्व के शुभ अवसर पर पी०सी० ध्यानी, प्रबंध निदेशक, पिटकुल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गयी। खुशियों एवं प्रकाश के पर्व दीपावाली के अवसर पर पीक हॉर्स में संध्या 6बजे 1620 MW की अधिकतम विद्युत मांग रिकॉर्ड हुई जोकि विगत वर्ष दीपावाली के अवसर पर 1427 MW थी। पिछले साल के सापेक्ष लगभग 200MW विद्युत मांग में वृद्धि होने के उपरान्त भी पिटकुल ने प्रबंध निदेशक महोदय के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश की जनता को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की।

प्रबंध निदेशक महोदय ने स्वयं देहरादून शहर को विद्युत आपूर्ति करने वाले उपसंस्थानों १३२ केवी माजरा,१३२ केवी बिंदाल एवं २२० केवी हार्रवाला का पीक ऑवर्स में निरीक्षण किया साथ ही देर रात्रि तक निदेशक परिचालन एवं अन्य उच्च अधिकारियों ए०के० जुयाल, महाप्रबन्धक (मा०सं०), ईला पंत, मुख्य अभियंता मनोज कुमार, महाप्रबन्धक (वित्त), अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार, एस०पी० आर्य, ललित कुमार, अमित सिंह, उत्तम कुमार एवं अधिशासी अभियंता मनोज कुमार, विनायक शैली रविन्द्र सैनी के साथ प्रांतीय भार निस्तारण केंद्र कंट्रोल रूम से राज्य की विद्युत आपूर्ति का भी निरीक्षण किया।

इसके साथ ही पूरे प्रदेश में पिटकुल में कार्यरत मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंताओ को प्रबंध निदेशक महोदय द्वारा मुख्यालयों में ही तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं जिससे कि प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। प्रदेश के युवा एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर मार्गदर्शन एवं समीक्षा बैठको में दिये गये निर्देशों के परिणामस्वरूप पिटकुल निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है एवं उनके प्रोत्साहन से सभी अधिकारी तथा कर्मचारीगण उत्साहपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं इसके साथ ही श्रीमती राधा रतूडी, मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एवं अध्य्क्ष, पिटकुल तथा सचिव (ऊर्जा), उत्तराखंड शासन डॉ० आर० मीनाक्षी सुंदरम का उपरोक्त के अनुक्रम में समय-समय पर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता है।

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Iron Beam: Israel Plans To Use High-Power Lasers To Shoot Down Missiles In Its Airspace

Story by Ronit Singh

In the middle of the ongoing conflict with Iran-backed militant groups Hamas and Hezbollah, Israel is planning to make a new addition to its air defence system with the induction of the ‘Iron Beam’ which will use the high-power laser to down projectiles.

The Israeli defence ministry stated that the new anti-missile defence system will complement the country’s Iron Dome and other existing technologies, ushering in a “new era of warfare.” It will be operational within a year, as per reports.Unlike the Iron Dome, Israel’s well-known air defence system which is already popular for intercepting rockets and missiles, the Iron Beam will use a cutting-edge laser system to down the incoming mortars, rockets, and drones, with ‘unprecedented precision.’Designed by Rafael Advanced Defense Systems, the developer of Israel’s Iron Dome, in collaboration with Elbit Systems, the Iron Beam can intercept targets at the speed of light over distances ranging from hundreds of meters to several kilometers.

It features an unlimited supply of ammunition, near-zero cost per interception, and minimal collateral damage, according to Israel’s defence ministry. Israel to Spend $530 MillionIsrael’s defence ministry said on Monday it had earmarked $530 million to accelerate the development of the laser air defence system known as “Iron Beam”.The Ministry of Defence has signed a major deal worth approximately 2 billion shekels to significantly expand procurement of the laser interception systems, ‘Iron Beam,’,” a statement said.

Defence company Elbit said in a separate statement the ministry granted it a contract worth about $200 million specifically to develop Iron Beam. The system is aimed at improving the interception of drones and other projectiles, which Hezbollah in Lebanon has fired at Israel since the start of the war in Gaza in support of its Palestinian ally Hamas. It comes after Israel announced in late September it had received a new US military aid package worth $8.7 billion, at a time when it is at war with both Hamas in Gaza and Hezbollah in Lebanon.

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कबाड़ के गोदाम में लगी भीषण आग, आस- पास के लोगों में मची अफरा- तफरी 

  • दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू 
  • आग लगने के कारण का नहीं चला पता 

रुड़की। सालियर के पास एक कबाड़ के गोदाम में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिसके चलते आसपास रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही रुड़की दमकल विभाग की दो टीमें मौके पर पहुंची और आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक कबाड़ के गोदाम में रखा पूरा प्लास्टिक का सामान जलकर खराब हो गया था। रुड़की फायर स्टेशन के लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब दो बजे सालियर निवासी शाकिर के कबाड़ के गोदाम में आग लगी थी।

आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। गोदाम के आसपास घनी आबादी थी, आबादी के पास तक आग नहीं पहुंच पाई। आबादी के पास आग पहुंचती तब तक काबू पा लिया गया था।

 

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करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी पूरी नहीं बनीं जौरासी-तोणजी सड़क

[caption id="attachment_86676" align="alignnone" width="864"] करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी कार्यदायी सस्था एनपीसीसी की लापरवाही के कारण जौरासी तोणजी मोटर मार्ग खस्ताहाल स्थिति में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर . Photo by YS Rana[/caption]

 

पोखरी, 2  नवंबर (राणा)। करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी कार्यदायी सस्था एनपीसीसी की लापरवाही के कारण जौरासी तोणजी मोटर मार्ग खस्ताहाल में  होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं ।

ग्रामीणों के लम्बे सघर्ष के बाद 2014 में  8 ,5 कि.मी. जौरासी-तोणजी मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था  और कार्यदायी सस्था पीएमजीएसवाई द्बारा इसका निर्माण कार्य 2016 में प्रारंभ किया गया  लेकिन 7,5  कि मी सड़क के प्रथम फेज के निर्माण कार्य पूरा करने के बाद 2022 में  द्बितीय फेज के निर्माण कार्य को  पूरा करने  के लिए कार्यदायी सस्था एनपीसीसी को बनाया गया जिसके तहत वर्षाती पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण, पुस्तों  का निर्माण, काजवे का निर्माण और डामरीकरण किया जाना अभी बाकी  है । लेकिन कार्यदायी सस्था एनपीसीसी की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद  जौरासी तोणजी मोटर मार्ग की स्थिति  खस्ताहाल बनी हुई है ।

[caption id="attachment_86677" align="alignnone" width="823"] करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी कार्यदायी सस्था एनपीसीसी की लापरवाही के कारण जौरासी तोणजी मोटर मार्ग खस्ताहाल स्थिति में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर . Photo by . YS Rana[/caption]

वाहन चालक और  ग्रामीण हर रोज इस मोटर मार्ग पर  जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है ।स्कवरों , काजवे और नालियों का निर्माण कार्य अधूरा होने से वर्षात के समय सड़क का सारा पानी तोणजी गांव में पहुंच जाता है । जिससे जहां पूरे गांव के अस्तित्व को खतरा बना हुआ है । ग्रामीणों की सैकड़ों नाली कृषि भूमि भी वर्वाद हो चुकी है । डामरीकरण करना तो रहा दूर की बात  पूरे वर्षांत के समय यह  मोटर मार्ग  लगभग अवरुद्ध ही रहता है ।

ग्रामीणों को दैनिक उपभोग की वस्तुओं की खरीददारी करने सहित अन्य कार्यो के लिए पोखरी बाजार और तहसील मुख्यालय जाने के लिए मोटर  मार्ग तक पहुंचने के लिए हर रोज 7 कि मी की पैदल दूरी  आवाजाही कर पीठ पर सामान लादकर करनी होती  है । यही नहीं गांव के छात्र छात्राओं को पढ़ाई के लिए अटल उत्कृष्ट विद्यालय राजकीय इंटर कालेज रडुवा जाने के लिए वर्षांत के समय हर रोज 8 कि मी की पैदल दूरी की आवाजाही करनी पड़ती है ।

जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के  तहसील दिवसों में  सहित शासन प्रशासन के अन्य प्लेटफार्मों पर इस मामले को लिखित और मौखिक रूप से बार बार उठाया जा चुका है । लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीण परेशान और हैरान हैं ।  ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग की है  कि कार्यदायी संस्था  एनपीसीसी के खिलाफ कार्यवाही कर जौरासी तोणजी मोटर मार्ग की खस्ताहाल स्थिति को ठीक करवाया जाय जिससे ग्रामीणों को आवाजाही करने में सहुलियत हो सके ।

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शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट; हजारों श्रद्धालुओं ने अभिषेक पूजा में लिया भाग

 

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यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी  3 नवंबर को भैयादूज के पर्व पर अपराह्न 12:05 बजे बंद किए जाएंगे।

 

उत्तरकाशी, 02 नवंबर। विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री मंदिर के कपाट आज अन्नकूट के पावन पर्व पर अपराह्न 12 बजकर 14 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। गंगोत्री धाम में उपस्थित  देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस अवसर  गंगा जी की उत्सव मूर्ति के निर्वाण दर्शन कर अभिषेक पूजा में भाग लिया।

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कपाटबंदी के बाद हर- हर गंगे के उद्घोष के साथ गंगा जी की उत्सव मूर्ति को डोली में बिठाकर परम्परानुसार  मुखवा गांव के लिए प्रस्थान करवाया गया। तीर्थ पुरोहितों की आगवानी में  गंगा जी की डोली यात्रा लोक वाद्य यंत्रों आर्मी बैंड की धुनों के साथ रवाना हुई। डोली यात्रा आज रात्रि में चंडी देवी मंदिर मार्कण्डेय पुरी में प्रवास करेगी। रविवार को सोमेश्वर देवता की आगवानी में भैयादूज के पर्व पर गंगा जी की डोली यात्रा मुखबा (मुखीमठ) पहुंचेगी। जहां पर उत्सव प्रतिमा को शीतकाल के लिए गंगा मंदिर में विराजमान किया जाएगा। शीतकाल में श्रद्धालु मुखवा स्थित गंगा मंदिर में गंगा जी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगें।

 


गंगोत्री मंदिर के कपाटबंदी के अवसर पर विधयाक सुरेश चौहान, एसडीएम मुकेश चंद रमोला, मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानन्द सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, रावल हरीश सेमवाल सहित बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मौजूद रहे।

उधर यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी  3 नवंबर को भैयादूज के पर्व पर अपराह्न 12:05 बजे बंद किए जाएंगे। शीतकाल में  यमुना जी की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में विराजमान रहेंगी।

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घंटाकर्ण धाम (क्वीली)डांडा जाना होगा अब आसान 

 

-गजा से डीपी उनियाल की रिपोर्ट-

[caption id="attachment_86605" align="alignright" width="143"] कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल[/caption]

गजा, 1 नवंबर। नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के घंटाकर्ण धाम क्वीली डांडा मे अब देश, प्रदेश से आने वाले उन भक्तों के लिए दर्शन करना आसान हो गया है जो पैदल नही जा सकते हैं। अब तक बहुत से वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए पैदल चढाई चढना आसान नहीं था। लेकिन अब श्रद्धालुओं को गजा से पोखरी बमणगांव पहुंचने के बाद बमणगांव से लगभग 10 किलोमीटर की सडक दूरी तय करने के बाद ‘ रिगुणी’ नामक स्थान से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर पैदलयात्रा करनी होगी।

अब घंटाकर्ण धाम जाने वाले भक्तों के लिए खुशखबरी है कि वे ट्रैकिंग से या वाहन से जैसा भी जाना चाहें जा सकते हैं। आपको बताते चलें कि अब तक गजा से चार किलोमीटर तमियार गौंत्याचली सडक पर वाहन से जाने के बाद गौंत्याचली से साढे तीन किलोमीटर पैदल चढाई चलकर पहुंचना पड़ता था। क्षेत्र के विधायक व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की घोषणा से  मार्ग स्वीकृत हुआ है।

घंटाकर्ण धाम मंदिर समिति के अध्यक्ष विजय प्रकाश विजल्वाण ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष निवर्तमान मंडी समिति अध्यक्ष बीर सिंह रावत के प्रयासों से सड़क  आवागमन का तोहफा दीपावली पर श्रद्धालुओं को मिला है। मंदिर के सडक से जुडने पर विजय प्रकाश विजल्वाण, अशोक विजल्वाण, बुद्धि सिंह रावत, मान सिंह चौहान, कुलबीर सिंह सजवाण, रघुबीर सिंह सजवाण, नरेंद्र विजल्वाण , डा.जगमोहन सिंह सजवाण, लाखी राम विजल्वाण तथा विकास खंड फकोट के प्रमुख राजेन्द्र सिंह भंडारी, नगर पंचायत गजा निवर्तमान अध्यक्ष मीना खाती,जनपद मंत्री गजेंद्र सिंह खाती, राजेश गैरोला ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया है। कहा कि शीघ्र ही मोटर मार्ग का उद्घाटन माननीय कैबिनेट मंत्री के द्वारा होगा।

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बढ़ते प्रदूषण के चलते पराली जलाने पर सरकार की अपील, फिरोजपुर में पराली की आग से एक किसान की मौत

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खराब स्तर को देखते हुए सरकार लगातार लोगों से पराली न जलाने की अपील कर रही है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने किसानों से धान की पराली में आग न लगाने का अनुरोध किया है, लेकिन कुछ किसान इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसी लापरवाही के कारण फिरोजपुर जिले के जयमलवाला गांव में धान की पराली में आग लगने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि तीन युवक बुरी तरह झुलस गए।

अस्पताल में भर्ती घायल युवक
कमाला बोधला गांव के गुरप्रीत सिंह और जश्नप्रीत सिंह तथा वस्ती बागेवाला के अनमोल प्रीत सिंह दिवाली का सामान खरीदने के लिए कस्बा मल्लांवाला जा रहे थे। रास्ते में किसान अशोक कुमार मोगा और मेशा ने अपने खेत में धान की पराली को आग लगा दी थी। इसी दौरान रास्ते में धुएं और आग की लपटों के कारण इनकी बाइक गिर गई, जिससे तीनों युवक आग की चपेट में आ गए।

तीनों युवक खतरे से बाहर
घायल युवकों को मल्लांवाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। राज्य के पटियाला, फिरोजपुर, और मानसा जैसे जिलों में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी आई है। अकेले संगरूर में 89 मामले दर्ज हुए हैं, जो इस मामले में सबसे आगे है।

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दीपावली पर जगमग हुए बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम

-प्रकाश कपरूवाण –

बदरीनाथ/ केदारनाथ धाम, 01नवंबर। बद्रीनाथ धाम तथा केदारनाथ धाम में दीपावली का पर्व आज 1 नवंबर शुक्रवार को उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिरों को फूलों से सजाया गया है तथा शाम को रंग-बिरंगे प्रकाश से मंदिर जगमगाते नजर आ रहे है। उत्तराखंड में ज्यादातर स्थानों पर कल गुरुवार को लक्ष्मी पूजन के साथ दीपावली संपन्न हो गयी।

श्री बदरीनाथ धाम में शाम पांच बजे पश्चात प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन शुरू हुआ तत्पश्चात कुबेर जी की पूजा-अर्चना तथा भगवान बदरीविशाल के खजाने की पूजा-अर्चना की गयी।

श्री केदारनाथ धाम में श्री गणेश पूजन तथा मां लक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना संपन्न हुई ।श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय दीपावली के पावन अवसर पर श्री केदारनाथ धाम में पूजा – अर्चना में शामिल हुए।
बदरीनाथ धाम में इस अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार,धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,वेदपाठी रविंद्र भट्ट, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट , लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता, आदि मौजूद रहे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि श्री केदारनाथ धाम में भी दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है मंदिर को भब्यरूप से फूलों से सजाया गया है। 3 नवंबर को भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल हेतु बंद होने है।
आज दीपावली के अवसर पर भगवान श्री गणेश जी की पूजा के अलावा मंदिर गर्भगृह के बाहर परिक्रमा परिसर में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में मंदिर समिति तथा हक-हकूकधारी पूजा-अर्चना संपन्न करेंगे,इस अवसर पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल,मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, केदारनाथ प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, धर्माधिकारी औंकार शुक्ला, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, लक्ष्मी नारायण मंदिर हक-हकूकधारी प्रकाश जमलोकी सहित अरविंद शुक्ला, कुलदीप धर्म्वाण ललित त्रिवेदी आदि मौजूद रहेंगे।

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Coal India Steps into 50th Year

NEW DELHI, 2 NOVEMBER (PIB) Continuing to meet India’s coal requirement and bolstering the energy sector, the state owned Coal India Limited (CIL) stepped into its 50th year of inception on 1st November 2024. CIL came into being on 1st November 1975 as an apex holding company of the nationalized coking coal (1971) and non-coking mines (1973).

From 89 Million Tonne (MT) production during 1975-76, the year CIL was formed, the Maharatna coal behemoth under the Ministry of Coal ended FY 2024 with 773.6 MT output – an 8.7 fold growth.  With 80% of its entire supplies directed to coal based power plants at highly competitive rates CIL plays a key role in enabling the citizens getting power at a just price.

Though CIL’s employee strength fell sharply by almost a third to 2.25 Lakhs now from 6.75 Lakh employees during the early years of Nationalization, the production has taken an upward leap.

Congratulating Coal India, Union Minister of Coal and Mines, Shri G Kishan Reddy said, “As Coal India enters into its Golden Jubilee Year with many milestones under its belt, I convey my best wishes to the company. Coal is yet to peak to its full potential in India. Indigenous production is vital to avoid expensive imports. Coal India has to ramp up production to higher levels in future with equal importance to people oriented social responsibility, welfare and safety”.

It had been an eventful near five decade journey for CIL. The company braved many changes and challenges, trials and tribulations but managed to deliver what was expected of it. From a pure play coal producing company, Coal India is now diversifying into solar power, pithead power stations, coal gasification and critical minerals in the National interest.

Beginning 2007, CIL had been formally observing its Foundation Day celebration as an in-house event. This includes J B Kumaramangalam Memorial lecture by either a former Chairman or an Industry expert and bestowing awards on best performers. This year as well the company will be celebrating the event on 3rd November in Kolkata with the Coal Minister as the Chief Guest and Coal Secretary as Guest of Honour.

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विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या

हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली, 1 नवंबर। विकासखंड नारायणबगड़ के अंतर्गत ग्राम कौब में एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई हैं, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया है।

थराली के थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि गत रात्रि कौब गांव की 25 वर्षीय विवाहिता नीलू देवी पत्नी अंशुल कुमार घर पर ही आत्महत्या कर ली है सूचना पर थाना थराली पुलिस एवं राजस्व पुलिस गांव पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पोस्टमार्टम के बद ही मामले से पर्दा उठ सकता हैं। फिलहाल आत्महत्या का कारण पारिवारिक विवाद होना बताया जा रहा है। विवाहित की 7 साल पहले शादी हुई थी।

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