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गढ़वाल मंडल में आज चक्का जाम, ई-रिक्शा, ई-ऑटो भी नहीं चलने देंगे ट्रांसपोर्टर्स

देहरादून, 29 अक्टूबर ।परिवहन महासंघ के आह्वान पर आज  29 अक्टूबर को पूरे गढ़वाल मंडल में चक्का जाम रहेगा। चक्का जाम के लिए देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों की विभिन्न यूनियनों का भी समर्थन मिल गया है। ट्रांसपोर्टर ऋषिकेश सहित मंडल के अलग-अलग स्थानों पर वाहनों का संचालन रोकेंगे। यह विरोध प्रदर्शन ट्रांसपोर्टरों की लंबित मांगों को पूरा न करने के खिलाफ है।

चक्का जाम को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक

टिहरी गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन (टीजीएमओ) कार्यालय में परिवहन महासंघ के बैनर तले ट्रक, डंपर, विक्रम, ऑटो, ई-रिक्शा, ई-ऑटो और बस यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चक्का जाम की रूपरेखा तय की गई। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि सोमवार (28 अक्टूबर) को देहरादून में आयोजित परिवहन महासंघ की बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई।

गढ़वाल ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी ने कहा, “ट्रांसपोर्टरों ने जिन मांगों को प्रस्ताव के रूप में परिवहन विभाग को भेजा था, उनमें से किसी भी मांग को नहीं माना गया। इसलिए पूरे गढ़वाल मंडल में एक दिन का चक्का जाम आवश्यक हो गया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यूनियनों का समर्थन: व्यापक प्रभाव की उम्मीद

  • देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों की यूनियनों का समर्थन मिलने से चक्का जाम का दायरा बढ़ गया है।
  • ऋषिकेश में ट्रांसपोर्टर विभिन्न स्थानों पर वाहनों को रोकेंगे, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
  • ट्रक और डंपर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि निर्माण कार्यों से जुड़े वाहन भी शामिल होंगे, जिससे माल परिवहन बाधित हो सकता है।
  • विक्रम, ऑटो और ई-रिक्शा चालक संगठनों ने भी एकजुटता का ऐलान किया है।

ट्रांसपोर्टरों की प्रमुख मांगें

ट्रांसपोर्टरों ने परिवहन विभाग को जो प्रस्ताव भेजे थे, उनमें शामिल हैं:

  1. ओवरलोडिंग पर सख्ती: भारी वाहनों पर अनधिकृत लोडिंग रोकने के लिए प्रभावी कदम।
  2. टैक्स और शुल्क में राहत: ईंधन पर वैट कम करने और रोड टैक्स में छूट।
  3. सुरक्षा उपाय: चेकपोस्टों पर भ्रष्टाचार रोकने और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था।
  4. बीमा और मुआवजा: दुर्घटना प्रभावित परिवारों के लिए त्वरित मुआवजा नीति।

विभाग की ओर से इन मांगों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया न मिलने से ट्रांसपोर्टर आक्रोशित हैं। गढ़वाल ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश ने बताया कि यह चक्का जाम शांतिपूर्ण होगा, लेकिन यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।

संभावित प्रभाव और अपील

  • यातायात व्यवस्था: गढ़वाल मंडल के प्रमुख मार्गों जैसे ऋषिकेश-नैनीताल हाईवे, देहरादून-मसूरी रोड आदि पर जाम लग सकता है।
  • आम जनता को अपील: ट्रांसपोर्टरों ने लोगों से वैकल्पिक परिवहन का उपयोग करने और सहयोग की अपील की है।
  • परिवहन विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है।

यह चक्का जाम उत्तराखंड के परिवहन क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को उजागर करता है।

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