थराली-नारायणबगड़ क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही, पिंडर नदी उफान पर

—प्रकाश कपरुवाण की रिपोर्ट—
थराली/नारायणबगड़, 23 अगस्त।
थराली और आसपास के क्षेत्रों में बीती रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। देर रात हुई इस आपदा से थराली बाजार, राड़ीबगड़ और केदारबगड़ सहित तहसील परिसर में मलबा और बोल्डर घुसने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। तहसील परिसर के साथ ही एसडीएम आवास तक मलबे से पट गया है। थराली बाजार की दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

बादल फटने के बाद से पिंडर नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। नदी किनारे के गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। नारायणबगड़ के ज्यूड़ा गांव में देर रात करीब एक बजे हुए भूस्खलन से चार मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि कई अन्य घर खतरे की जद में हैं। सागवाड़ा गांव में एक लड़की के भवन के अंदर मलबे में दबने की खबर है, वहीं चेपड़ों बाजार में कुछ दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। एक व्यक्ति के लापता होने की भी सूचना मिली है।
भारी बारिश से थराली-ग्वालदम मार्ग मिग गधेरे में बंद हो गया है। कुलसारी के पास ग्वालदम हाईवे का हिस्सा बह गया है, जबकि थराली-सागवाड़ा मार्ग भी यातायात के लिए बंद है।
राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने सतलुज जल विद्युत परियोजना के विश्राम गृह और कार्यालय परिसर के साथ ही जीएमवीएन देवाल गेस्ट हाउस को अधिग्रहित कर लिया है। गौचर से एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
