नव वर्ष पर उत्तराखंड में सुरक्षा-यातायात प्रबंधन कड़े, पर्यटकों की सुविधा पर खास जोर
देहरादून, 30 दिसम्बर। नए साल के अवसर पर 30 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष इंतज़ाम किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पुलिस नियमित रात्रिकालीन गश्त करेगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख पर्यटक स्थलों और अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ाए जाएंगे। कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च पुलिस अधिकारी भी समय-समय पर मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
नव वर्ष पर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पार्किंग, ट्रैफिक रूट और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और शराब के ठेकों के पास भी सुरक्षा व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी। साथ ही यह भी कहा गया कि जांच के नाम पर आम नागरिकों और पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
देहरादून सहित अन्य शहरों में सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण को सख्ती से हटाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, परिवहन विभाग और एमडीडीए की संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा लगातार अभियान चलाया जाएगा। होटल और रिसॉर्ट्स में अग्नि सुरक्षा और अन्य सुरक्षात्मक उपायों की भी समीक्षा की जाएगी। किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस की 5 मिनट में मौके पर पहुंचने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
शीतकालीन यात्रा को देखते हुए सूचना केंद्रों, स्ट्रीट लाइट और अलाव जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, जबकि कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
