चंपावत में स्वास्थ्य, सड़क, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी कई परियोजनाओं की घोषणा, ‘सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026’ का अगाज़

देहरादून, 18 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने चंपावत जनपद के समग्र विकास से जुड़ी कई जनहितकारी परियोजनाओं और कार्यों की जानकारी दी, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया जा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इसके साथ ही अमोड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
उन्होंने कहा कि जिले में सड़क और यातायात सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण और सुधार के साथ-साथ यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। सूखीढांग से डाडामीनार मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण और डामरीकरण किया गया है, जबकि हनुमानगढ़ी से खेतखेड़ा के बीच स्पान आर्च पुल का निर्माण कराया गया है। टनकपुर–जौलजीबी मार्ग पर लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से स्पान आर्च पुल तथा 33 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग सुधार का कार्य भी प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि धार्मिक और पर्यटन विकास के तहत मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास किया जा रहा है। माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माणाधीन है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए शारदा कॉरिडोर पर कार्य किया जा रहा है, जो माँ पूर्णागिरी धाम, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ेगा।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चंपावत में वे-साइड एमेनिटीज सेंटर का निर्माण किया गया है तथा चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। अमोड़ी में ‘हाउस ऑफ हिमालया’ विपणन केंद्र की स्थापना से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध होगा और कारीगरों व उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत–नेपाल सीमा पर 177 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही 57 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है, जो विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026’ के माध्यम से साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे और जिले को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
