मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया 1.10 लाख करोड़ का उत्तराखंड बजट

-महिपाल गुसाई की रिपोर्ट –
गैरसैंण (भराड़ीसैण), 9 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गैरसैंण स्थित भराड़ीसैण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया। लगभग 1 लाख 10 हजार 143 करोड़ रुपये के इस बजट में सरकार ने विकास कार्यों के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर देते हुए राजस्व अधिशेष का अनुमान जताया है।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा प्रस्तुत बजट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026–27 में कुल प्राप्तियां लगभग 1,10,143.13 करोड़ रुपये अनुमानित हैं। इसमें 67,525.77 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्तियां तथा 42,617.35 करोड़ रुपये पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं।
बजट में कर राजस्व का अनुमान 43,327.43 करोड़ रुपये लगाया गया है। इसमें केंद्रीय करों में राज्यांश के रूप में 17,414.57 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। राज्य के अपने स्रोतों से कुल 31,620.03 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है। इसमें 25,912.86 करोड़ रुपये कर राजस्व तथा 5,707.17 करोड़ रुपये गैर-कर राजस्व से प्राप्त होने का अनुमान है।
खर्च का अनुमान
वित्तीय वर्ष 2026–27 में राज्य सरकार ने विभिन्न मदों पर बड़े खर्च का प्रावधान किया है। बजट के अनुसार
ऋणों के पुनर्भुगतान (डब्ल्यूएमए/ओवरड्राफ्ट सहित) पर लगभग 28,160.63 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ब्याज भुगतान पर करीब 7,929.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर लगभग 19,174.97 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों व अन्य सेवाओं के कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के लिए लगभग 1,479.09 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के लिए लगभग 11,137 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने वर्ष 2026–27 में कुल व्यय 1,11,703.21 करोड़ रुपये अनुमानित किया है। इसमें 64,989.44 करोड़ रुपये राजस्व व्यय तथा 46,713.77 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय शामिल हैं। पूंजीगत व्यय के माध्यम से सरकार बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं को गति देने का लक्ष्य रख रही है।
राजस्व अधिशेष का अनुमान
बजट में राज्य सरकार ने कोई राजस्व घाटा नहीं होने का अनुमान जताया है। इसके विपरीत 2,536.33 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष (सरप्लस) रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। हालांकि बजट में लगभग 12,579.70 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान भी लगाया गया है।
सरकार का कहना है कि बजट में विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे, सामाजिक कल्याण और कर्मचारियों से जुड़े दायित्वों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। गैरसैंण में पेश इस बजट को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और वित्तीय प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
