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उत्तराखंड में वैज्ञानिक संस्कृति पर मुख्यमंत्री का जोर, देहरादून में 175 करोड़ की साइंस सिटी निर्माणाधीन

By-Usha Rawat-
देहरादून, 6 जनवरी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार एक संगठित प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में साइंस सिटी, STEM लैब्स, लैब-ऑन-व्हील्स और साइंस लीग जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं में वैज्ञानिक संस्कृति विकसित हो सके।

मुख्यमंत्री भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताए प्रमुख कदम

  • राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति–2025 लागू की गई है।
  • 13 जिलों के 95 ब्लॉकों में लगभग 180 STEM आधारित प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं।
  • हर जिले में एक-एक ‘लैब-ऑन-व्हील्स’ चल रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी विज्ञान से जुड़ सकें।
  • साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग शुरू की गई है, जिससे बड़ी संख्या में छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।

सीमांत इलाकों के लिए ‘सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ का गठन किया गया है।

सबसे बड़ा प्रोजेक्ट — साइंस सिटी

  • मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी का निर्माण तेज़ी से चल रहा है।
  • यह परियोजना भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से 175 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है।
  • उन्होंने कहा कि साइंस सिटी बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम बनेगी।

रेस्क्यू मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन में अपनाए गए विज्ञान-आधारित मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है, और इसी मॉडल पर आधारित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

बीआईएस की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआईएस ने गुणवत्ता और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है। बीआईएस अब डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी मानक तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों—हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पादों और औषधीय जड़ी-बूटियों—के लिए भी गुणवत्ता मानक विकसित कर रही है, ताकि उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिल सके।

कार्यक्रम में रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, बीआईएस के निदेशक सौरभ तिवारी और यू-कॉस्ट महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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