‘मुख्य सेवक की चौपाल’ में सीएम धामी का सीधा संवाद, अधिकारियों को मौके पर समाधान के निर्देश

हरिद्वार ग्रामीण, 16 फरवरी। पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत आयोजित ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने गांव में जनता के बीच बैठकर सीधा संवाद किया और स्पष्ट कहा कि सरकार अब फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मैदान में उतरकर काम करेगी।
मौके पर सुनवाई, तुरंत कार्रवाई के निर्देश
कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम प्रधानों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क, बिजली, पानी, राजस्व और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी को सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि जनसमस्याओं पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“सरकार खुद पहुंचेगी जनता के द्वार”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत उदाहरण है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। “जनता की संतुष्टि ही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है,” उन्होंने कहा।
रोजगार और युवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि योग्य युवाओं को निष्पक्ष अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसके साथ ही युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य के विकास में भागीदार बन सकें।
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए भी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
यूसीसी और विकास की दिशा
मुख्यमंत्री ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह सामाजिक समरसता और समानता को मजबूत करेगा। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से विकास कार्यों को नई गति मिली है और तकनीक व पारदर्शिता के माध्यम से प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
