शिक्षा/साहित्य

बाल लेखिकाओं की सशक्त अभिव्यक्ति का मंच बनी “शाम–सवेरे”, दून में कहानी–संग्रह का लोकार्पण

देहरादून, 15 जनवरी। उदयन केयर द्वारा संचालित उदयन शालिनी फ़ेलोशिप (यूएसएफ), देहरादून चैप्टर के तत्वावधान में बाल एवं किशोर लेखिकाओं द्वारा लिखित कहानी–संग्रह “शाम–सवेरे” का लोकार्पण समारोह दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर, देहरादून में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।

यह पुस्तक शालिनियों की भावनाओं, अनुभवों, संघर्षों और रचनात्मक सोच का सशक्त संकलन है, जिसमें 17 शालिनियों द्वारा लिखी गई लघु कहानियाँ शामिल हैं। इन कहानियों में आत्मनिर्भरता, साहस, मानवीय संवेदना, संबंधों, संघर्ष और आशा जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से उकेरा गया है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में  अध्यक्ष, राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उत्तराखंड कुमकुम रानी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में  पत्रकार एवम् कवि  वीरेंद्र डंगवाल ‘पार्थ’ उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि कुमकुम रानी ने कहा कि “शाम–सवेरे” में संकलित कहानियाँ शालिनियों के आत्मविश्वास, संवेदनशील सोच और जीवन के यथार्थ को सरल व सार्थक रूप में प्रस्तुत करती हैं। ऐसी रचनात्मक पहल बालिकाओं को निर्भीक अभिव्यक्ति, पठन–लेखन की आदत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करती है।उन्होंने पुस्तक की रचनाओं से उदाहरण देते हुए कहा कि इन्हें पढ़ते हुए जीवन का यथार्थ स्पष्ट रूप से सामने आता है।

विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र डंगवाल ‘पार्थ’ ने कहा कि यह कहानी–संग्रह दर्शाता है कि शिक्षा केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों को अभिव्यक्त करने और समाज को समझने की क्षमता भी विकसित करती है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित लेखन और पठन जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

उदयन शालिनी फ़ेलोशिप देहरादून चैप्टर के संयोजक विमल डबराल ने कहा कि “शाम–सवेरे” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि युवा लेखिकाओं की साहित्यिक यात्रा की सशक्त शुरुआत है। उन्होंने बताया कि यह शालिनियों और संस्था का पहला सामूहिक प्रयास था, जिसे अल्प समय में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

कार्यक्रम में शालिनियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। निकिता ने आत्मनिर्भरता और साहस, ज़ाहिदा ने परिवार से दूर रहकर मजबूत बनने, सुहानी ने मेहनत और विश्वास, अज़मतुल बानो ने मानवीय संवेदना और करुणा, स्वाति ने बचपन की मासूमियत, साजिया ने संघर्षों के बीच साहस और आशा तथा साक्षी ने जीवन की भावनात्मक सच्चाइयों को अपनी कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर उदयन शालिनी फ़ेलोशिप, देहरादून चैप्टर के संयोजक विमल डबराल, सह–संयोजक जी.एस. रावत, कोर कमेटी सदस्य डॉ. दलजीत कौर, नीलू खन्ना, कमल शर्मा, सुमन तिवारी, दीपक अहलावत, ममता अहलावत, भोम बहादुर पुन, रुचिता नैथानी, विजय आईज़ैकर सहित अन्य गणमान्य अतिथि, दून लाइब्रेरी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!