कांग्रेस का धामी सरकार पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप

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देहरादून 10 जनवरी(उहि )  उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश की धामी सरकार पर  मरदाताओं को प्रभावित करने के लिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है ।  प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधिमण्डल ने मंगलवार को प्रदेश महासचिव संगठन मथुरादत्त जोशी के नेतृत्व में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित करते हुए राज्य सरकार द्वारा आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के उपरान्त लिये गये निर्णयों को निरस्त करवाये जाने का अनुरोध किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि 8 जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव 2022 की तिथियों की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है। विभिन्न समाचार माध्यमों से संज्ञान में आया है कि राज्य सरकार द्वारा चुनावों की घोषणा के उपरान्त दिनांक 8 जनवरी एवं 9 जनवरी, 2022 को विभिन्न विभागों में बडी संख्या में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के स्थानान्तण करने के साथ ही विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं में बडे पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं जो कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों का खुला उलंघन है।

 


प्रतिनिधिमण्डल ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेशभर के मुख्य मार्गों सहित समस्त पेट्रोल पम्पों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की तस्वीर के साथ राज्य सरकार तथा केन्द्र सरकार की योजनाओं का प्रकाशन किया गया है। चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर इन विज्ञापनों को हटाया गया है और न ही पेट्रोल पम्पों पर लगे विज्ञापनों को ढका गया है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त के अलावा राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत सस्ता गल्ला के माध्यम से वितरित की जाने वाली राशन किटों पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की तशवीर लगा कर वितरित किया जा रहा है जो कि आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुला उलंघन है।
पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर सरकारी विज्ञापनों से सम्बन्धित बैनर पोस्टरों को सार्वजनकि स्थानों से तुरन्त हटाया जाय, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत सस्ता गल्ला के माध्यम से वितरित की जाने वाली राशन किटों से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की तस्बीर  हटाई जाय तथा चुनाव घोषणा के उपरान्त किये गये सभी विभागों के स्थानान्तरणों एवं संवैधानिक संस्थाओं में की गई नियुक्तियों को निरस्त करते हुए दोषियों के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्रवाई की जाय।
प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेश महासचिव मथुरादत्त जोशी के अलावा, कंाग्रेस सदस्यता अभियान समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र भण्डारी, पूर्व महामंत्री सुरेन्द्र सिंह रांगड, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, मलिन बस्ती विभाग के संजय शर्मा, विषेश आमंत्रित सदस्य अशोक वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव जैन, पौराणिक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आचार्य नरेशानन्द नौटियाल, प्रदेश सचिव शांति रावत, सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह आदि शामिल थे।

दूसरी ओर उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस गणेश गोदियाल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के उपरान्त विभिन्न विभागों में की गई नियुक्ति/स्थानान्तरणों के शासनादेश निरस्त करने की मांग की है। गोदियाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के उपरान्त विभिन्न विभागों में की गई नियुक्ति/स्थानान्तरणों के शासनादेश निरस्त करने की मांग की है। गणेश गोदियाल ने कहा कि दिनांक 8 जनवरी, 2022 को राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है परन्तु राज्य की भाजपा सरकार के दबाव में विभिन्न विभागों द्वारा नियुक्ति/स्थानान्तरण के शासनादेश जारी किये जा रहे हैं तथा विस्वस्त सूत्रों से यह भी संज्ञान में आया है कि आज दिनांक 10 जनवरी, 2022 को भी कई शासनादेश जारी हुए हैं जो कि आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुल्लम-खुल्ला उलंघन है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर सिंचाई विभाग, सहकारिता विभाग, ऊर्जा विभाग, कृषि विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग में की गई

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