राजनीति

कांग्रेस ने उठाया आपदा राहत मानकों का मुद्दा, सरकार पर जनभावनाओं से खिलवाड़ का आरोप

 

गौचर, 21 अगस्त (गुसाईं) । प्रतापनगर के विधायक बिक्रम सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जब दैवीय आपदा राहत मानकों में शिथिलीकरण का मुद्दा उठाया, तो सरकार ने चर्चा से बचने के लिए विधानसभा का चार दिन का सत्र डेढ़ दिन में ही समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि यह जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र से लौटते समय गौचर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेगी ने कहा कि भाजपा लगातार यह कहकर पल्ला झाड़ती रही कि कानून व्यवस्था के मामले सब जूडिशियल हैं, जबकि अधिकांश मामलों में ऐसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान गोलियां और तलवारें चलीं, जिससे साफ जाहिर होता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज़ ही नहीं बची है।

विधायक नेगी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस पर यह आरोप लगा रही है कि कांग्रेस विधायक सदन में “सोने गए थे”, जबकि हकीकत यह है कि कांग्रेस ने चर्चा के लिए सदन में डेरा डाला, फिर भी सरकार टस से मस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता आपदाओं से त्रस्त है, लेकिन सरकार केवल “मानक लालीपॉप” बांट रही है।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस दैवीय आपदा राहत मानकों में बदलाव चाहती थी ताकि जरूरतमंदों को उचित मुआवजा मिल सके। वर्तमान में सरकार कच्चे भवनों के आधार पर मुआवजे के मानक तय कर रही है, जबकि पहाड़ में अब कहीं भी कच्चे मकान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्ण क्षतिग्रस्त भवन के लिए 1 लाख 30 हजार रुपये का प्रावधान किया है, जबकि इतनी राशि में आज मकान बनना असंभव है। कांग्रेस ने इसकी राशि बढ़ाकर कम से कम 3 लाख रुपये किए जाने की मांग रखी थी।

विधायक नेगी ने कहा कि दैवीय आपदा से प्रदेश भर में सड़कें बंद पड़ी हैं, केवल उनकी विधानसभा में ही 80 सड़कें अवरुद्ध हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान देने को तैयार नहीं है।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, अजय किशोर भंडारी, प्रकाश चौधरी, लक्ष्मण पटवाल, कुलदीप बिष्ट, सभासद विनोद कनवासी आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक का फूल-मालाओं से स्वागत किया।

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