काशीपुर किसान आत्महत्या मामला: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने की न्यायिक जांच की मांग
देहरादून, 12 जनवरी। उत्तराखंड के काशीपुर क्षेत्र में एक युवा किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। उत्तराखंड कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यशपाल आर्य ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में एक किसान को इस तरह का कदम उठाने के लिए विवश होना, व्यवस्था की कमियों की ओर संकेत करता है।
आर्य ने कहा,
“यह समझना जरूरी है कि ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिनके चलते एक युवा किसान को आत्महत्या जैसा कठोर निर्णय लेना पड़ा। यदि प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की प्रताड़ना या मानसिक दबाव रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस घटना से एक परिवार पर गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने बताया कि किसान की मृत्यु से परिवार के समक्ष आजीविका और भविष्य की गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक संवेदनशीलता से जुड़ा मामला बताया।
यशपाल आर्य ने यह भी कहा कि प्रारंभिक स्तर पर कुछ पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई हुई है, लेकिन केवल निलंबन से ही पूरे मामले का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी की जिम्मेदारी तय होती है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगेनेता प्रतिपक्ष ने इस प्रकरण में निम्नलिखित मांगें रखीं—
- पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
- यदि जांच में पुलिस या किसी अन्य अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
- मृतक किसान के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया
- जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
- किसान उत्पीड़न से जुड़े मामलों में प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जाए
यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर संवेदनशील है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में संघर्ष जारी रखेगी।
