अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने किया अभियान तेज

देहरादून, 6 जनवरी। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराए जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस का लगातार आंदोलन जारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में राज्यभर में धरना-प्रदर्शन और पद यात्राएँ निकाली जा रही हैं।
आन्दोलन के क्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रविवार को चमोली जनपद के नंदप्रयाग, चमोली और गोपेश्वर में पदयात्रा निकालकर बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र, पिरान कलियर और रुड़की में पदयात्राएँ निकालीं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने रानीखेत में तथा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने देहरादून के विभिन्न वार्डों में “अंकिता भंडारी को न्याय दो” पदयात्रा के माध्यम से सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
चमोली में जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जब तक भाजपा सरकार उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की घोषणा नहीं करती और अंकिता को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा 30 दिसंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से हत्याकांड से जुड़े सवालों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन पुलिस ने अब तक एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया है। जबकि दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम के पत्र का संज्ञान लेकर कांग्रेसजनों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर दी गई।
गोदियाल ने कहा कि यदि प्रदेश पुलिस बिना सरकारी दबाव के निष्पक्षता से जांच करती और तथाकथित वीआईपी का नाम उजागर करती, तो आज आम जनता को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी ने जिस वीआईपी का नाम दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू बताया है और जिस तरह स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर रिसॉर्ट पर बुल्डोजर चलाने की बात सामने आई है, उससे साफ है कि मामले में सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका रही है। यही वजह है कि धामी सरकार सीबीआई जांच से बच रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकरण ने भाजपा के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारे को पूरी तरह खोखला साबित कर दिया है। भाजपा शासनकाल में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं और बीते चार वर्षों में कई बेटियों को अपनी जान और इज्जत गंवानी पड़ी है। इसके बावजूद भाजपा नेताओं द्वारा सीबीआई जांच की मांग पर ध्यान देने की बजाय कांग्रेस और विपक्षी दलों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं और पुतला दहन किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि धामी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है।
हाल की प्रमुख गतिविधियाँ (जनवरी 2026):
- 3-5 जनवरी: देहरादून, ऋषिकेश, काशीपुर, रुद्रपुर, कर्णप्रयाग, सल्ट आदि में बड़े प्रदर्शन।
- महिला कांग्रेस ने विधायक आवास घेराव का प्रयास किया।
- कुछ जगहों पर पुलिस से धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज की खबरें।
- चमोली जिले में गोदियाल ने गौचर, कर्णप्रयाग, नारायणबागड़ और थराली में “जस्टिस फॉर अंकिता” रैलियाँ निकालीं।
- अन्य संगठनों (उत्तराखंड क्रांति दल, महिला मंच आदि) ने भी समर्थन दिया, देहरादून में सीएम आवास मार्च का प्रयास हुआ।
- 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का ऐलान किया गया है अगर मांगें नहीं मानी गईं।
