सांसद निधि के उपयोग पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, उत्तराखंड के विकास को प्राथमिकता देने की मांग
देहरादून 20 जनवरी। उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सांसदों द्वारा सांसद निधि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि राज्य के कई ग्रामीण क्षेत्र आज भी सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे में सांसद निधि का बड़ा हिस्सा राज्य के बाहर खर्च होना चिंताजनक है।
गोदियाल ने कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ भाजपा सांसदों द्वारा उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं अन्य राज्यों में ट्यूबवेल, स्कूल, सामुदायिक भवन, सड़क और जल निकासी जैसे कार्यों पर सांसद निधि से धनराशि खर्च की गई है। उनका कहना है कि इस पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों का देश के विभिन्न हिस्सों में निवास करना एक सामाजिक वास्तविकता है, लेकिन इससे यह तथ्य नहीं बदलता कि सांसदों को जनप्रतिनिधि के रूप में उत्तराखंड की जनता ने चुना है। ऐसे में राज्य के भीतर विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी और चमोली जैसे जिलों के कई क्षेत्रों में आज भी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कांग्रेस का मानना है कि सांसद निधि का उपयोग मुख्य रूप से राज्य के विकास कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की है कि
- सांसद निधि का अधिकतम उपयोग उत्तराखंड के विकास कार्यों में हो,
- सांसद निधि के उपयोग की पारदर्शी समीक्षा की जाए,
और जनता के सामने इसका स्पष्ट विवरण रखा जाए।
गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता सजग है और विकास से जुड़े मुद्दों पर निरंतर नजर बनाए हुए है। कांग्रेस का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के संसाधनों और अधिकारों का उपयोग राज्य के हित में हो।
