“चार साल बेमिसाल” पर कांग्रेस का सवाल, सरकार के दावों को बताया अतिरन्जित

देहरादून, 23 मार्च। उत्तराखंड में सरकार के “चार साल बेमिसाल” के दावों के बीच प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और सरकार की नीतियों व कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, चकराता से विधायक एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव एवं मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि राज्य की वर्तमान स्थिति का आकलन तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
प्रीतम सिंह ने कहा कि बजट का आकार बढ़ने के बावजूद राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र पर बढ़ती निर्भरता जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के दौरान प्राप्त संसाधनों और बाद की परिस्थितियों का हवाला देते हुए राज्य की आय के स्रोतों पर दबाव की बात कही।
उन्होंने रोजगार के आंकड़ों, कृषि विकास दर और उर्वरक की उपलब्धता व कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। साथ ही पलायन, शिक्षा संस्थानों के बंद होने और ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति को भी चिंता का विषय बताया। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, नमामि गंगे कार्यक्रम और स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और इन क्षेत्रों में बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता बताई।
काजी निजामुद्दीन ने अपने संबोधन में राज्य के बजट प्रबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बजट अनुमान और वास्तविक व्यय के बीच अंतर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व व्यय की तुलना में पूंजीगत व्यय अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है, जिससे दीर्घकालिक विकास पर प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की राजस्व स्वायत्तता को मजबूत करने की जरूरत है और उधारी तथा ब्याज के बढ़ते बोझ पर संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि घोषित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारना जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को वित्तीय आंकड़ों और वास्तविक उपलब्धियों के आधार पर जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। परिवहन व्यवस्था सहित अन्य विभागों में भी मानकों के पालन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रेस वार्ता में मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, देहरादून महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा, महामंत्री नवीन जोशी, शोभाराम और प्रतिमा सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
