जनगणना 2027 : दूसरे चरण में होगी जनसंख्या गणना
घर-घर जाकर जुटाई जाएगी जानकारी; ट्रांसजेंडर को भी अलग श्रेणी
नई दिल्ली, 11 मार्च। देश में प्रस्तावित जनगणना 2027 दो चरणों में कराई जाएगी। पहले चरण में मकानों और परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में देश की प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय जानकारी दर्ज की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री Nityanand Rai ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण यानी हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के लिए पूछे जाने वाले प्रश्नों को अधिसूचित कर दिया गया है।
पहले चरण में जुटेगी घर और परिवार की जानकारी
जनगणना के पहले चरण में घरों की स्थिति, परिवार की संरचना और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके तहत परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिवार के पास मौजूद संपत्तियों का विवरण लिया जाएगा।
सरकार ने इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए परिवार के मुखिया के लिंग को तीन श्रेणियों—पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर में दर्ज करने का प्रावधान किया है। इससे देश में ट्रांसजेंडर समुदाय से संबंधित आंकड़ों को अधिक सटीक रूप से समझने में मदद मिलेगी।
दूसरे चरण में होगी जनसंख्या गणना
जनगणना के दूसरे चरण, जिसे पॉपुलेशन एन्यूमरेशन कहा जाता है, में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें उम्र, शिक्षा, रोजगार, वैवाहिक स्थिति और अन्य सामाजिक-आर्थिक विवरण शामिल होंगे। इस चरण से जुड़े प्रश्नों को सरकार बाद में अधिसूचित करेगी।
घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे गणनाकर्मी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या परिवार को जनगणना से बाहर न रहने देने के लिए गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इसके साथ ही इस बार सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्वयं जानकारी भरने) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
हालांकि, स्वयं भरी गई जानकारी को अंतिम रूप देने से पहले गणनाकर्मी उसकी पुष्टि करेंगे, ताकि आंकड़ों की विश्वसनीयता बनी रहे।
मोबाइल ऐप और डिजिटल तकनीक का उपयोग
सरकार के अनुसार इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। गणनाकर्मियों के लिए मोबाइल ऐप तैयार किया गया है, जिसमें डेटा की सटीकता बनाए रखने के लिए विभिन्न वैलिडेशन नियम शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा, ऑनलाइन पोर्टल पर एफएक्यू, टूल टिप्स और अन्य मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे उत्तरदाता सही और सटीक जानकारी भर सकें।
कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारियों—गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों—को व्यापक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यवेक्षक स्तर पर भी डेटा की नियमित निगरानी और जांच की व्यवस्था की गई है।
डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर
सरकार का कहना है कि जनगणना के दौरान एकत्र होने वाले आंकड़ों की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय किए गए हैं। मोबाइल उपकरणों पर डेटा संग्रह, उसके ट्रांसमिशन और सर्वर पर भंडारण—तीनों स्तरों पर सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जनगणना देश की नीतियों, विकास योजनाओं और संसाधनों के वितरण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराती है। इसलिए 2027 की जनगणना को सामाजिक-आर्थिक योजना निर्माण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
