माकपा ने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा

देहरादून, 4 फरवरी । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिवमंडल ने उत्तराखंड में बढ़ती साम्प्रदायिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए राज्य की धामी सरकार (भाजपा) की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पार्टी का आरोप है कि सरकार द्वारा अवांछित तत्वों को धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों पर हमले की छूट दी जा रही है। साथ ही, जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयानों के कारण प्रदेश में साम्प्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। माकपा ने कोटद्वार, विकासनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए हाल ही में देहरादून के मच्छी बाजार में एक युवती की सरेआम हत्या को भी इसी प्रवृत्ति का परिणाम बताया।
पार्टी ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी गंभीर घटनाओं में पुलिस की लापरवाही स्पष्ट दिखाई देती है। माकपा ने हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष रूप से कानून का पालन करने की अपील की।
बैठक में माकपा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सभी दोषियों की गिरफ्तारी तक संघर्ष जारी रखने तथा इस मुद्दे पर अन्य जनसंगठनों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करने का संकल्प भी दोहराया।
राज्य सचिवमंडल की बैठक की अध्यक्षता शिवप्रसाद देवली ने की। बैठक में केन्द्रीय कमेटी सदस्य राजेन्द्र सिंह नेगी, राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित, सचिवमंडल सदस्य इन्दु नौडियाल, भूपाल सिंह रावत, महेंद्र जखमोला, लेखराज, नितिन मलेठा, अनन्त आकाश, माला गुरूंग सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक पार्टी के राज्य कार्यालय में सम्पन्न हुई।
