24 मार्च 2026 की दिल्ली रैली की तैयारी को लेकर CPI(M) राज्य सचिव मंडल की बैठक
राज्यभर में सप्ताहभर जत्था अभियान चलाने का निर्णय
देहरादून, 17 फरवरी 2026।भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने 24 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में विशाल रैली आयोजित करने की घोषणा की है। रैली की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड राज्य सचिव मंडल एवं पार्टी के जिला सचिवों की बैठक पार्टी के राज्य कार्यालय में संपन्न हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि रैली की तैयारी के तहत कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक विभिन्न जिलों में एक सप्ताह तक राज्यस्तरीय जत्था अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर भी जत्थे निकाले जाएंगे। इन अभियानों के माध्यम से पार्टी राज्य और केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों को जनता के बीच रखेगी।
जत्था अभियानों में राज्य की कानून व्यवस्था, बढ़ता पलायन, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, जल-जंगल-जमीन से जुड़े सवाल, अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों पर हो रहे हमले, स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति, बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार जैसे विषय प्रमुख रूप से उठाए जाएंगे।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन का केंद्र भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियां होंगी। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां आम जनता, किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय स्तर पर रैली में जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया जाएगा, उनमें अमेरिका के साथ हुआ हालिया व्यापार समझौता शामिल है। पार्टी का कहना है कि यह समझौता देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए नुकसानदायक है और इससे कृषि सहित कई क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इसके अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कटौती का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर रही है और उसके वित्तीय भार का बड़ा हिस्सा राज्यों पर डाला जा रहा है।
CPI(M) ने बिजली संशोधन विधेयक, नई श्रम संहिताओं तथा विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित सुधारों का भी विरोध करने का निर्णय लिया है। पार्टी का मानना है कि ये कदम किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के हितों के विरुद्ध हैं।
बैठक में केंद्रीय समिति सदस्य राजेंद्र सिंह नेगी, राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, इंदु नौडियाल, बी.एस. रावत, महेंद्र जखमोला, राजाराम सेमवाल, लेखराज, नितिन मलेठा, अनंत आकाश, माला गुरूंग और मदन मिश्रा सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे। बैठक की अध्यक्षता शिवप्रसाद देवली ने की।
