अग्निवीर दीपक सिंह की मौत ने फिर उठाए सवाल
अग्निपथ योजना युवाओं पर ‘प्रयोग’ बनकर क्यों थोपी गई?: गणेश गोदयाल
देहरादून, 24 नवंबर। उत्तराखंड के चंपावत जिले के युवा अग्निवीर दीपक सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दुखद मृत्यु ने पूरे प्रदेश को शोक और आक्रोश में डाल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदयाल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड का नुकसान है।
उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की अपरिपक्व और अव्यवस्थित अग्निपथ योजना को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।गोदयाल ने कहा कि शुरू से ही यह योजना युवाओं के भविष्य के साथ एक खतरनाक प्रयोग थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- अल्पकालिक भर्ती,
- चार वर्ष का अनिश्चित भविष्य,
- पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का अभाव,
- और मानसिक दबाव से जूझते युवा सैनिक
- उनका उपयोग सैन्य कार्यों के बजाय बडी के रूप में उपयोग
इन सभी ने अग्निपथ योजना को एक अस्थिर और जोखिमपूर्ण मॉडल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि देश की सेना जैसी स्थायी और मजबूत संस्था को कॉन्ट्रैक्ट आधारित मॉडल में बदलना युवाओं के साथ अन्याय और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
गोदयाल ने कहा कि उत्तराखंड—जिसे सैनिकों और शहीदों की भूमि कहा जाता है—ऐसे जोखिम भरे प्रयोगों को कभी स्वीकार नहीं कर सकता।
“हमारे बच्चे सीमा पर जान दे रहे हैं, और सरकार उन्हें चार वर्ष बाद ‘सेवा समाप्त’ का पत्र पकड़ा देने की सोचती है। यह केवल अन्याय नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के साथ सीधा प्रयोग है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से निम्न मांगें कीं:
1. अग्निवीर दीपक सिंह की मृत्यु की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच।
2. शहीद को पूर्ण सैन्य सम्मान और परिवार को उचित क्षतिपूर्ति व जीवनभर सुरक्षा कवच।
3. अग्निपथ योजना की तत्काल पुनर्समीक्षा या समाप्ति पर निर्णय।
4. भारतीय सेना को पुनः स्थायी, प्रशिक्षित और सुरक्षित भर्ती व्यवस्था में बहाल किया जाए।
गोदयाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर शहीद और हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।
“हम सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हैं—जवानों के भविष्य और देश की सुरक्षा के साथ और कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार को इस घटना और पूरी योजना पर जवाब देना ही होगा।”
