Front Pageधर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

राज जात के आयोजन को लेकर न हो सका फैसला, लोग इसी साल बड़ी जात के पक्ष में

हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 23 फरबरी। नदादेवी राजजात यात्रा को लेकर आयोजित बैठक बिना किसी नतीजे के समापत हो गई।इस दौरान जहां कुछ लोग 2026 में बड़ी जात आयोजित करने पर अड़े रहे, वही कुछ लोग यात्रा मार्ग पर सरकार के द्वारा पूरी तैयारी नही कर पाने के कारण आयोजन 2027 में करवाने की बात करते रहें।

बैठक के दौरान जहां कई दफे गर्मा गर्म बहस के बीच धक्का-मुक्की तक हुई। बैठक के अंत में एक समन्व समिति का गठन किया गया,इस समिति के खिलाफ कुछ लोगों ने नारेबाजी की गई।बैठक के दौरान तीखी झड़पों की सूचना पर शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए थराली के उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट भी बैठक स्थल पर पहुंचे।

इस विकास खंड के अंतर्गत दक्षिण कालिका मंदिर कुलसारी में बधाण, दशोली एवं नंदाक क्षेत्र की एक संयुक्त बैठक कुलसारी पड़ाव समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राजजात 2026 में आयोजित करने अथवा 2027 में आयोजित करने पर वक्ताओं ने अपनी राय रखी।

बैठक में वक्ता स्पष्ट रूप से दो भागों में बंटे रहें। बैठक में जहां कुछ लोगों ने कहा कि बिना राजा की उपस्थिति एवं नौटी से राजजात की यात्रा नही आने से यात्रा 2026 में आयोजित नही होने की बात कही,वही कुछ वक्ताओं ने कहा कि यात्रा में राजा का अधिक महत्व ना हो कर नंदादेवी की डोली का अधिक महत्व हैं। राजा  की अनिवार्यता पर सवाल उठा, कौन राजा और कहाँ का राजा। इस सामन्ती सोच को ही हास्यास्पद बताया गया।

बैठक में सरकार के द्वारा राजजात यात्रा के आयोजन में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए सरकार की आलोचना भी की गई। बैठक में सीधे-सीधे तौर पर लोग दो भागों में बंटे दिखाई पड़ें।इस दौरान वक्ताओं ने आयोजन को लेकर की जा रही राजनीति का भी विरोध किया गया।करीब 4 घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में कोई भी ठोस एवं सर्वमान्य नतीजा नही निकल पाया।

बैठक के अंत में एक समन्वय समिति का गठन किया गया जिसका थराली के पूर्व ब्लाक प्रमुख सुशील रावत को अध्यक्ष चुना गया, जबकि बधाण बड़ी जात समिति के अध्यक्ष पूर्व कर्नल हरेंद्र रावत को वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए प्रस्तावित किया गया किन्तु हरेंद्र रावत ने इस पद को लेने से मना कर दिया। इसके अलावा नंदानगर, थराली, देवाल ब्लाकों के मंदिर समितियों के अध्यक्षों को समिति में उपाध्यक्ष, चारों ब्लाकों जिला पंचायत सदस्यों को संरक्षक मंडल में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया गया।अन्य पदों पर भी जनप्रतिनिधियों के नामों का प्रस्ताव पारित किया गया। जिस समय समन्वय समिति का गठन किया जा रहा था उसी दौरान कई लोगों ने समिति के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी ‌।
————-
बैठक में बधागढ़ी मंदिर समिति के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह रावत, देवेंद्र रावत,देवराड़ा के अध्यक्ष भुवन हटवाल, कुरूड़ के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मंशा राम गौड़, विनोद रावत,सौर्य प्रताप रावत,भूपाल सिंह गुसाईं,देवाल के पूर्व प्रमुख डीडी कुनियाल, थराली नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, विनोद रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह रावत, नरेंद्र बिष्ट,हीर सिंह पहाड़ी, पुष्कर बिष्ट,हीरा बुग्याली ,लखन रावत, महावीर बिष्ट, उमेश मिश्रा, प्रदीप दानू, इंद्र सिंह राणा, त्रिलोक सिंह बिष्ट, कृष्णा बिष्ट, बिजेंद्र रावत, देवेंद्र रावत,खिलाप बिष्ट, गोविंद पांगती, महावीर परिहार, सुरेंद्र बिष्ट, जेष्ठ प्रमुख नवनीत रावत आदि ने विचार व्यक्त किए
————-
बैठक के दौरान राजजात के 2026 अथवा 2027 में आयोजित करने को लेकर हुई बहस के दौरान एक बार काफी अधिक गहमागहमी बहस हुई,इस दौरान धक्का-मुक्की भी आपस में हुई। बैठक में तीखी झड़पों के होने की सूचना मिलते ही थराली से उपजिलाधिकारी भी बैठक स्थल पर पहुंचे, हालांकि बैठक शुरू होने से पुर्व ही थाना थराली से पुलिस कर्मियों को कुलसारी में तैनात कर दिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!