थराली को जिला बनाने की मांग को लेकर बैठक, मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित
थराली, 18 फरवरी (हरेंद्र बिष्ट)। विधानसभा क्षेत्र थराली को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर ब्लॉक सभागार थराली में विधानसभा थराली बौद्धिक जागरण विकास मंच के बैनर तले एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत मंच से जुड़े प्रतिनिधियों ने जुलूस की शक्ल में तहसील कार्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
ब्लॉक सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख बख्ताबर सिंह नेगी ने की। उन्होंने कहा कि थराली क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में थराली को अलग जिला बनाए जाना आवश्यक हो गया है।
बैठक को संबोधित करते हुए मंच के उपाध्यक्ष डीडी उनियाल ने कहा कि वर्ष 1985 से लगातार क्षेत्रीय जनता द्वारा थराली को जिला बनाए जाने की मांग उठाई जाती रही है, किंतु अब तक इस न्यायसंगत मांग का पूरा न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रद्युम्न सिंह रावत ने कहा कि दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य नंदन सिंह रावत ने कहा कि थराली भौगोलिक दृष्टि से एक विशाल क्षेत्र है तथा यहां की समस्याएं अन्य क्षेत्रों से भिन्न हैं, इसलिए थराली को प्राथमिकता के आधार पर जिला बनाया जाना चाहिए।
बैठक में मोहन लाल आर्य, दिनेश मिश्रा, राधा बल्लभ देवराड़ी, मुन्ना राम, जगदीश प्रसाद भारद्वाज, भूधर नेगी, हीरा सिंह रूपकुंडी, हरेन्द्र रावत सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
बैठक के बाद एक शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट से भेंट कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए थराली को जिला घोषित किए जाने की मांग दोहराई।
