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नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर केदारकाठा और लोस्तू पाथरी को पर्यटन मानचित्र से जोड़ने कि मांग

पोखरी से राजेश्वरी राणा –

केदारकाठा और लोस्तू पाथरी में प्रकृति पर्यटन की अपार  संभावनाएं देखते हुए इस स्थान को पर्यटन के मानचित्र पर जोड़ने हेतु  सहकारी बैंक के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह नेगी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री  ज्ञापन  भेजा है।

पूर्व सहकारी बैंक के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र नेगी ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर्ण केदारकाठा और लोस्तु पाथरी आज भी पर्यटन के मानचित्र से अछूते हैं । यहां पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं ।चारों ओर देवदार और बाझ बुरांस के घने जंगल है ।यहां पर नाना प्रकार प्रजाति के पशु पक्षी रहते हैं ।

नेगी ने ज्ञापन में कहा है कि यहां से नन्दा देवी, चोखमभा, तुंगनाथ तथा त्रिशूली की पहाड़ियों के दीदार होते हैं । यहाँ बड़े- बड़े बुग्याल है । चारों ओर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर्ण घने जंगल है । इनके अगल बगल सिद्बपीठ दुख थंबेश्वरी देवी का मंदिर व सलतरी महादेव का मंदिर है ।

नेगी ने कहा है कि यहाँ बड़ी संख्या में भक्त इन दोनों मंदिरों में पूजा अर्चना करने और मनौतियां मांगने आते हैं ।साथ ही यहा अंग्रेजों के समय का ट्रेकिंग रुट है जो राकसी मंदिर होकर तुंगनाथ को जाता है। लेकिन रखरखाव के अभाव के कारण यह ट्रैकिंग रूट जीर्ण-शीर्ण हालत में पड़ा हुआ है । यहां पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं । अगर इन दोनों स्थानो को पर्यटन के मानचित्र से जोड़ा जाय तो यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचेंगे जिससे जहां बड़ी संख्या में स्थानीय बेरोजगारों को स्वरोजगार मिलेगा वहीं सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति होगी ।

सत्येन्द्र नेगी ने  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर केदारकाठा और लोस्तु पाथरी को पर्यटन के मानचित्र पर जोड़ने की मांग की है ।

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