राजनीति

धामी सरकार आपदा प्रबंधन मामले में फिसड्डी साबित : यशपाल आर्य

 

देहरादून, 8 जुलाई। नेता प्रतिपक्ष तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य ने आज कहा कि उत्तराखंड सरकार आपदा प्रबंधन के मामले में फिर फिसड्डी साबित हो रही है। सरकार लाख दावे कर ले लेकिन आखिरकार वही हुआ जिसका डर था, मौसम की पहली बरसात में ही सरकार और उसके आपदा प्रबधंन विभाग के इंतजामों की पोल खुल गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार के दावे पूरी तरह कागजी और हवा हवाई सिद्ध हो रहे हैं। राज्यभर में धरातल पर सरकार आपदा प्रबंधन करने में पूरी तरह नाकाम दिख रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहली बारिश में ही पूरे प्रदेश में जगह-जगह भू-धंसाव, घरों में पानी घुसने, पेयजल लाइनों, आवासीय मकानों , मुख्य सड़कों तथा सम्पर्क मार्गों को भारी नुक़सान हुआ है। पहली बारिश में ही जगह-जगह पर भूस्खलन होने से तमाम सड़कें बंद होने से राज्यभर का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कई साल से लगातार आ रही आपदाओं के चलते सैकड़ों पुल और हजारों किमी. सड़कों को नुकसान पहुंचा है, जिन्हें ठीक करने में सरकार पहले से ही असफल है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस बात का दंभ भर रही है कि वो देश का पहला राज्य है जिसने अलग से आपदा प्रबंधन विभाग बनाया है, लेकिन हकीकत में इस विभाग में राज्य स्तर पर अधिशासी अधिकारी सहित एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है और जिलों में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सहित सभी अधिकांश कर्मचारी संविदा पर रखे गए हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रभावित राज्य है जो हमेशा भूकम्प, बादल फटने, अतिवृष्टि, भूस्खलन, कृत्रिम झील के फटने आदि आपदाओं में से किसी एक की जद में रहता है। ऐसे में मुखिया विहीन आपदा प्रबंधन विभाग और जिलों के संविदाकर्मियों से अधिक आशा करना ठीक नहीं है।यशपाल आर्य ने कहा कि आपदा प्रभावित राज्य होने के बावजूद आपदा प्रबंधन विभाग अभी भी परंपरागत तरीके से ही चल रहा है। सरकार और आपदा प्रबधंन के अफसरों की तैयारी हमेशा आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों पर ही केंद्रित दिखती है। उन्होंने आपदाओं के पूर्वानुमान कर आपदा के प्रभाव को न्यूनतम करने का कभी प्रयास नहीं किया है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में इस बार मौसम विभाग भारी बारिश की संभावना जता रहा है। ऐसे में बिना तैयारियों के स्वाभाविक आपदाओं की स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना, उन्हें समय रहते राहत सामग्री पहुंचाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी किंतु दुर्भाग्यवश राज्य सरकार इस स्थिति के प्रति जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रही है। यह स्थिति चिंताजनक है। राज्य सरकार को इस दिशा में गंभीरता दिखानी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!