तहसील दिवसों से उठता जनता का विश्वास, फरियादियों के इंतजार में बैठे रहे अधिकारी
पोखरी, 3 फरवरी (राजेश्वरी राणा)। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय मंगलवार को तहसील दिवस आयोजित किए जाते हैं। इसके तहत रोटेशन के आधार पर तहसीलों में जिलाधिकारी तथा प्रत्येक तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम होता है, ताकि आमजन अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकें। लेकिन समय के साथ तहसील दिवसों से जनता का भरोसा लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है।
इसकी झलक मंगलवार को पोखरी तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में साफ देखने को मिली। तहसीलदार जिनेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में तहसील दिवस तो आयोजित हुआ, लेकिन एक भी फरियादी नहीं पहुंचा। सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तय समय पर उपस्थित रहे, परंतु फरियादियों के न आने से अधिकारी पूरे समय उनका इंतजार करते नजर आए।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि तहसील दिवसों में जनता द्वारा उठाई गई समस्याओं का समय पर और प्रभावी समाधान नहीं हो पा रहा है। इसी कारण अब लोग इन कार्यक्रमों से दूरी बनाने लगे हैं। सिनाऊ पल्ला के प्रधान तेजपाल निर्मोही, किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, काणडी ई चंद्रशिला के प्रधान भगत भंडारी, गजेंद्र नेगी तथा ज्येष्ठ प्रमुख ऊषा कंडारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी तहसील दिवसों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
तहसील दिवस में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार, खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रियम गुप्ता, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता मनमोहन सिंह विजलवान, विद्युत विभाग के अवर अभियंता धीरेंद्र भंडारी व तेजबीर बर्तवाल, जल संस्थान के अवर अभियंता मनमोहन सिंह राणा, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग पोखरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह, थानाध्यक्ष देवेंद्र पथ सहित विभिन्न विभागों
