प्रदेश के दवा व्यवसायी हुए लामबंद, दून पुलिस पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
देहरादून, 3 अक्टूबर (शास्त्री) । उत्तरांचल औषधि दवा व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी व महामंत्री अमित गर्ग ने दून पुलिस पर दवा व्यवसायियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महासंघ नेताओं के नेतृत्व में देहरादून के सभी दवा संघटनों के पदाधिकारी इस मुद्दे को लेकर कल सचिव स्वास्थ्य व औषधि नियंत्रक से मिलेंगे।
श्री मनकोटी ने बताया कि दून पुलिस द्वारा बिना औषधि नियंत्रण विभाग के प्रतिनिधियों के देहरादून में रिटेल क़ेमिस्टों के यहां आकस्मिक छापेमारी की गई व बिना तथ्यों के कई दवा प्रतिष्ठानों के शटर बंद कर दिये गये। यह व्यवसायियों का सरासर उत्पीड़न है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त दवा व्यवसाई सॉयकोट्रोपिक दवाओं का भंडारण व विक्रय विभागीय नियमों के अनुसार ही करते हैं। महासंघ के सभी सदस्य ड्रग लाइसेंसी हैं, इसलिए सभी के पास फ़ार्मेसिस्ट की उपलब्धता अनिवार्य होती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि पुलिस विभाग को किसी भी दवा प्रतिष्ठान में छापे व जाँच करने का कोई अधिकार नहीं है।
इस संदर्भ में एडीजी लॉ एन ऑर्डर उत्तराखण्ड पुलिस ने राज्य के सभी ज़िलों के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने हेतु कहा था, क्योंकि पुलिस विभाग को ड्रग एक्ट व साइकोट्रोपिक दवाओं की जानकारी नहीं हो सकती है। लिहाजा बिना ड्रग विभाग के प्रतिनिधियों के छापामारी पूर्णतया उत्पीड़न है।
मनकोटी ने कहा कि अगर देहरादून पुलिस द्वारा दवा व्यवसायों का उत्पीड़न जारी रहा तो प्रदेश के सभी दवा व्यवसाई आंदोलित होने के लिए बाध्य होंगे तथा सॉयकोट्रोपिक दवाओं का भंडारण व विक्रय भी बंद करने के लिए बाध्य होंगे।
