धर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

नागपुर पट्टी में भी आदिशक्ति भगवती के सभी रूपों की पूजा हुयी शुरु

पोखरी, 15 अक्टूबर (राणा)। क्षेत्र में आज से शक्ति संचय और आत्मचेतना की जागृति एवं आदिशक्ति माँ भगवती के सभी रूपों की आराधना-उपासना का पावन पर्व शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो गये है ।

हिन्दू वैदिक पंचांग के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ हो जाता है ।जगत के कल्याण के लिए आदि शक्ति मां भगवती ने अपने तेज को 9 अलग अलग स्वरुपों में प्रकट किया, जिन्हें हम नव दुर्गा के नाम से जानते हैं ।

नवरात्रि के अवसर पर मां भगवती के इन नौ रुपों की ही पूजा की जाती है ।क्षेत्र के तहत नन्दा देवी, ऊमा देवी, दुखथम्बेशवरी देवी, कुलेन्डू देवी सहित तमाम देवी मंदिरों में आज से देवी भगवती के उपासना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के तहत भक्तों ने विद्बान ब्राहमणो के द्बारा विधि विधान के साथ पूजा पाठ प्रारंभ कर दिया है।

पहले दिन भक्तों ने सुबह से ब्रत रखकर मां भगवती के मंदिरों में पूजा कर जौ बोकर हरियाली डाल दी है । शारदीय नवरात्रि पर बच्चों , बुजुर्गों,जवानों सभी महिलाओं और पुरुषों द्बारा 9 दिन तक ब्रत रखकर जौ की हरियाली में पानी डाला जाता है तथा ब्राह्मणों द्बारा अपने यजमानों की सुख, शांति और समृद्धि हेतु  मां भगवती के नौ रुपों की पूजा की जाती है ।

दसवें दिन 24 अक्टूबर विजयादशमी दुर्गा विसर्जन पर शारदीय नवरात्रि का समापन होता है ।इस दिन पूजा पाठ के बाद जौ की हरियाली को उखाड़ कर ब्राह्मणों द्बारा भक्तों, यजमानों मनोकामना पूर्ण हेतू इस हरियाली को प्रसाद के रूप में बाटा जाता है । तथा सामूहिक भोजन किया जाता है । आज प्रथम नवरात्र पर मां भगवती के शैलपुत्री  रूप की पूजा की जाती है ।

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