उत्तराखंड में इको टूरिज्म को मिलेगा नया बल: ट्रैकिंग-माउंटेनियरिंग की एकीकृत नीति 15 जनवरी तक, चौरासी कुटिया जीर्णोद्धार तेज

देहरादून, 05 जनवरी .मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग के लिए एकीकृत नीति 15 जनवरी तक अंतिम रूप देकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रदेश के व्यापक वनाच्छादन को देखते हुए इको टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने ऐसे स्पॉट चिह्नित एवं विकसित करने के निर्देश दिए जो पर्यावरण अनुकूल इको सिस्टम को मजबूत करें। नीति निर्माण से पूर्व निजी हितधारकों से संवाद अनिवार्य करने, नई चोटियां ट्रैकिंग के लिए खोलने, पर्यावरण ऑडिट पूरा करने तथा शीघ्र एसओपी जारी करने को कहा गया।
चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) के जीर्णोद्धार कार्य को समयबद्ध पूरा करने के सख्त निर्देश देते हुए कार्यदायी संस्था को टाइमलाइन निर्धारित करने को कहा गया।
जबरखेत मॉडल को अन्य चिह्नित स्थलों पर लागू करने के निर्देश दिए गए। डीएफओ को अपने क्षेत्र में इको टूरिज्म बढ़ावा देने हेतु जिम्मेदारी सौंपी गई तथा 10 साइट्स का प्लान एक माह में प्रस्तुत करने को कहा।
वन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के संचालन का तंत्र विकसित करते हुए इसकी जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (ईटीडीबी) को सौंपने का निर्णय लिया गया। बोर्ड को मजबूत बनाने, मानव संसाधन एवं बजट बढ़ाने तथा नया हेड खोलने के निर्देश दिए गए ताकि ग्रांट मिल सके। साइट्स के संचालन हेतु शीघ्र एमओयू करने को भी कहा।
इको टूरिज्म समिति की मासिक बैठक आयोजित करने तथा प्रदेश में पर्यटन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण उपरांत सर्टिफिकेट प्रदान करने, सर्टिफिकेशन पर्यटन विभाग से एंकर करने तथा उच्च शिक्षा विभाग से सुझाव लेने को कहा गया।
बैठक में सचिव श्री दीपेन्द्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ श्री रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ इको टूरिज्म श्री पी.के. पात्रो एवं अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
