इको टूरिज्म से ग्रामीणों की आर्थिकी को मिलेगी मजबूती : डीएफओ तरुण
-By-MS Gusain –
गोपेश्वर, 20 जनवरी। इको-टूरिज्म से यानी पारिस्थितिकी पर्यटन आम के आम और गुठली के दाम के समान है, इससे जहां जैव विविधता की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूर्ण होता है, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सुलभ होते हैं। पर्यटकों के साथ अपनी विरासत और संस्कृति को साझा करने का यह अवसर देने वाला यह उपक्रम स्थानीय आर्थिकी को भी मजबूत करता है।
इको-टूरिज्म से स्थानीय लोगों की आजीविका के नए अवसर उपलब्ध तो होते ही हैं, विशिष्ट जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य भी पूरा होता है। इस तरह यह दोहरे लाभ प्रदान करने वाली गतिविधि है, लिहाजा ग्रामीणों को इसे अपने जीवन व्यवहार का हिस्सा बनाना चाहिए। यह कहना है केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी तरुण एस. का। उनका कहना है कि इको- टूरिज्म से स्थानीय बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, और अन्य ज़रूरी सेवाओं के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होता है और पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूर्ण होता है। जिला मुख्यालय की समीपवर्ती ग्राम पंचायत कुजौ -मैकोट में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर के डीएफओ तरुण एस. की अध्यक्षता में इसी उद्देश्य से इको विकास समिति का गठन किया गया। बैठक में इको विकास समिति के सदस्यों को समिति की आर्थिकी को मजबूत बनाने के वनाधिकारियों ने गुर सिखाए।

प्रभागीय वनाधिकारी तरुण एस. की अध्यक्षता में ईडीसी का गठन करते हुए विनोद भंडारी को समिति का अध्यक्ष चुना गया जबकि सुभागा देवी, सतेश्वरी देवी, रजनी देवी, प्रदीप लाल, ताजवर भंडारी व यशपाल रावत को समिति का सदस्य चुना गया। इस मौके पर डीएफओ तरुण एस. ने इको विकास समिति के द्वारा रुद्रनाथ यात्रा ट्रैक के माध्यम से किस तरह से समिति की आर्थिकी का अर्जन किया जा सकता, इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए समिति की मजबूती के लिए वन विभाग के द्वारा हरसंभव सहायता करने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह, रेंजर प्रदीप कुमार गौड़, वन दरोगा अनूप कुमार, ममता देवी, चंद्र मोहन रावत, विनय सेमवाल, सीपी भट्ट पर्यावरण विकास केंद्र सर्वोदय गोपेश्वर के ओम भट्ट, गांव के पूर्व प्रधान दिलबर सिंह, वन पंचायत सरपंच किशन सिंह बिष्ट आदि ने विचार व्यक्त किए।
