स्यानाचट्टी में यमुना में बनी झील को खोलने के प्रयास जारी
उत्तरकाशी, 22 अगस्त। स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी कृत्रिम झील को खोलने के प्रयास लगातार जारी हैं। पीडब्ल्यूडी, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग और अन्य सम्बंधित एजेंसियां झील के एक हिस्से से जल निकासी के कार्य में जुटी हैं। पिछले एक घंटे में झील के जलस्तर में लगभग दो फीट की कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर झील से सुरक्षित जल निकासी और चैनलाइजेशन हेतु समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रभावी और एहतियाती उपाय करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित स्थानों पर ठहराए गए लोगों और स्यानाचट्टी के निवासियों के लिए भोजन, रसोई गैस, दवाइयों, पेट्रोल-डीजल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वर्तमान में नदी के एक हिस्से से पानी की निकासी हो रही है, लेकिन दलदल होने के कारण चैनलाइजेशन संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। जानकारी दी गई कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर और सिंचाई विभाग की टीमें राफ्ट के जरिए ग्राउंड जीरो पर पहुंच चुकी हैं।
यमुना वैली के स्यानाचट्टी में झील को जल्द खोलने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन और पीडब्ल्यूडी की टीमें मौके पर सक्रिय हैं। पूरे क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। यमुनोत्री के विधायक संजय डोभाल और उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं। स्वास्थ्य, राजस्व और खाद्य आपूर्ति विभाग की टीमें भी मौके पर मुस्तैद हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। प्रशासन द्वारा सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं और जल्द ही झील का पानी सुरक्षित रूप से निकाला जाएगा।
