₹1.5 करोड़ की इनामी राशि के साथ आंध्र प्रदेश में अब तक की सबसे महंगी मुर्गा-लड़ाई
राजामहेंद्रवरम (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश में संक्रांति पर्व के दौरान आयोजित एक मुर्गा-लड़ाई (कॉकफाइट) में ₹1.53 करोड़ की इनामी राशि जीतने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह तेलुगु राज्यों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सट्टेबाजी वाली मुर्गा-लड़ाई है। यह मुकाबला पश्चिम गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम में आयोजित किया गया, जिसे देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से वायरल हुआ।
समाचार के अनुसार, राजामहेंद्रवरम निवासी एक व्यक्ति ने इस मुर्गा-लड़ाई में ₹1.53 करोड़ की जीत दर्ज की। इससे पहले संक्रांति के दौरान मुर्गा-लड़ाई में सबसे बड़ी जीत की राशि ₹1 करोड़ बताई गई थी, जो पिछले वर्ष भी ताडेपल्लीगुडेम के ही एक व्यक्ति ने जीती थी। इस वर्ष सट्टे की राशि में लगभग ₹53 लाख की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह मुकाबला केवल कुछ ही मिनटों तक चला। इसमें गुडीवाड़ा निवासी प्रभाकर के ‘सेथुवा’ नस्ल के मुर्गे और के. रमेश राजू के ‘डेगा’ नस्ल के मुर्गे के बीच संघर्ष हुआ। रोमांचक मुकाबले में रमेश राजू की टीम ने जीत हासिल की और ₹1.53 करोड़ की भारी इनामी राशि अपने नाम की।
संक्रांति के अवसर पर गोदावरी और कृष्णा नदी के डेल्टा क्षेत्रों में मुर्गा-लड़ाई लंबे समय से एक परंपरा रही है। इतिहासकारों के अनुसार, प्रारंभ में यह एक पारंपरिक खेल के रूप में आयोजित होती थी, लेकिन समय के साथ इसमें धन का प्रवाह बढ़ता गया और यह एक बड़े पैमाने की सट्टेबाजी में बदल गई। वर्तमान में इन मुकाबलों में मुर्गों के पैरों में तेज धार वाले चाकू भी बांधे जाते हैं, जिससे यह बेहद हिंसक और जानलेवा बन जाता है।
हालांकि, अदालतों द्वारा मुर्गा-लड़ाई पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, इसके बावजूद संक्रांति के तीन दिवसीय उत्सव के दौरान पूरे राज्य में इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। स्थानीय प्रशासन के प्रयास भी इन्हें रोकने में नाकाम रहे।
पश्चिम गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक अदनान नय्येम अस्मी ने कहा है कि इस मामले की जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
