थराली की आपदा ने फीका कर दिया लोक जात का उत्साह
-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 24 अगस्त। नंदानगर के नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से प्रारंभ हुई बधाण की नंदादेवी लोकजात यात्रा बधाण पट्टी के सातवें पड़ाव सूना गांव से थराली गांव, थराली बाजार, केदारबगड़ और राड़ीबगड़ होते हुए आठवें पड़ाव चेपडो पहुंच गई। शुक्रवार को थराली नगर क्षेत्र और चेपड़ो गांव में आई भीषण आपदा के कारण इस बार नंदा भक्तों में थराली से लेकर चेपड़ो तक विशेष उत्साह देखने को नहीं मिला।
थराली के पास बहने वाली प्राणमती नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाने से यात्रा को आगे बढ़ाने में संकट की स्थिति बनी रही। ऐसे में आईटीबीपी के जवानों ने नदी पर अस्थायी पुल तैयार कर नंदा देवी की उत्सव डोली, यात्रियों और पुजारियों को सुरक्षित रूप से नदी पार करवाई। देर शाम यात्रा सुरक्षित रूप से चेपड़ो गांव पहुंच गई।
आपदा के कारण आज के पड़ाव को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी कि यात्रा प्राणमती नदी को पार कर पाएगी या नहीं, लेकिन आईटीबीपी के जवानों ने अपने कौशल का परिचय देते हुए इसे सुरक्षित रूप से पार करवाया।
यात्रा मार्ग पर नंदादेवी राजराजेश्वर मंदिर समिति, कुरूड़ के अध्यक्ष नरेश गौड़, पंडित योगेश्वर गौड़, राकेश गौड़, किशोर गौड़, दयाराम गौड़, धनीराम गौड़, पारेश्वर गौड़ और अनुसूया प्रयास गौड़ सहित अन्य लोगों ने देवी भक्तों की पूजा-अर्चना संपन्न करवाई।
