चमोली में हर विकासखंड के दो प्राथमिक विद्यालय बनेंगे मॉडल स्कूल
गौचर, 20 फरवरी (गुसाईं)। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि चमोली जिले के प्रत्येक विकासखंड में दो प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाए। इस पहल का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
इस क्रम में जिले के नवनियुक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने बताया कि शीघ्र ही जिले में कुल 18 प्राथमिक विद्यालयों का चयन कर लिया जाएगा। चयन के लिए निर्धारित मानकों को अंतिम रूप दे दिया गया है। चयनित विद्यालयों को आदर्श (मॉडल) विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इन विद्यालयों में भौतिक और शैक्षणिक—दोनों प्रकार के संसाधनों की पूर्ण व्यवस्था की जाएगी। नए चिन्हित मॉडल विद्यालयों में आवश्यक अकादमिक एवं भौतिक सुविधाएं इसी शिक्षा सत्र से उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके साथ ही चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम डायट, गौचर में आयोजित किया जाएगा, ताकि मॉडल विद्यालय की अवधारणा और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जिले के प्रत्येक विकासखंड में पहले से ही दो-दो मॉडल विद्यालय संचालित हैं। इसके अतिरिक्त चमोली जिले में पांच पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय भी कार्यरत हैं।
