सतत पर्यटन से जुड़े उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य पर विद्यार्थियों ने रखे विचार
ज्योतिर्मठ, 18 अक्टूबर। हिमालयी राज्य उत्तराखंड अपने अस्तित्व के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में “उत्तराखंड के विकास में पर्यटन की भूमिका” विषय पर वाद-विवाद, क्विज, स्केचिंग और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. प्रीति कुमारी ने कहा कि उत्तराखंड की विलक्षण संस्कृति, लोकजीवन की सुगंध और आंचलिक अस्मिता को बनाए रखना राज्य के विकास की मूल शर्त है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति का आदर करने वाला सतत पर्यटन ही उत्तराखंड का वास्तविक भविष्य है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को अपने विचारों और कर्म से राज्य के समग्र विकास में भागीदारी करनी चाहिए।
वाद-विवाद और क्विज प्रतियोगिता का संयोजन समाजशास्त्र विभाग के डॉ. राहुल मिश्रा ने किया। क्विज प्रतियोगिता में चार टीमों (A, B, C, D) के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई, जिसमें टीम C ने अपेक्षा के नेतृत्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम B (ज्योति के नेतृत्व में) द्वितीय रही, जबकि टीम A और टीम D संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में कु. प्रभा और विपक्ष में कु. पूर्णिमा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में डॉ. किशोरी लाल, डॉ. रणजीत मर्तोलिया, डॉ. मोनिका और डॉ. रणजीत सिंह मर्तोलिया शामिल रहे।
स्केचिंग और रंगोली प्रतियोगिता का संचालन डॉ. नवीन पंत (संयोजक) और डॉ. धीरेंद्र सिंह (सदस्य) ने किया। स्केचिंग में हिमांशु ने प्रथम, समीर रावत ने द्वितीय और ऊषा सेमवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रंगोली प्रतियोगिता में निशा एवं समूह ने प्रथम, सृष्टि एवं समूह ने द्वितीय और अनीता एवं समूह ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायक के रूप में डॉ. नेपाल सिंह, डॉ. पवन कुमार और डॉ. मोनिका सती उपस्थित रहे।
