उत्तरकाशी: विंटर टूरिज्म को पंख देने के लिए देश भर के टूर ऑपरेटर्स का ‘फेम टूर’ शुरू
उत्तरकाशी | 15 जनवरी । उत्तरकाशी जनपद में शीतकालीन पर्यटन (Winter Tourism) की संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में आज देश के विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटर्स के लिए एक ‘फेम टूर’ (परिचयात्मक भ्रमण) का आयोजन किया गया।
कॉन्क्लेव के बाद जमीनी हकीकत से रूबरू हुए विशेषज्ञ
विदित हो कि 14 जनवरी को उत्तरकाशी में भव्य ‘विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया था। इस कॉन्क्लेव में ‘एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (ATOAI) और ‘डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया’ (ADTOI) से जुड़े देश भर के 50 से अधिक दिग्गज टूर ऑपरेटर्स ने शिरकत की। इसके साथ ही उत्तराखंड के 50 ऑपरेटर्स और स्थानीय 150 होटल व होमस्टे व्यवसायियों ने भी प्रतिभाग किया।
इसी कड़ी में आज 15 जनवरी को इन प्रतिनिधियों को उत्तरकाशी की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से रूबरू कराने के लिए भ्रमण पर भेजा गया।
प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण
टूर ऑपरेटर्स के समूहों ने जनपद के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया, जिनमें शामिल हैं:
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- धार्मिक स्थल: मुखवा (गंगा मां का शीतकालीन प्रवास), खरसाली (यमुना मंदिर), शनि मंदिर और सोमेश्वर मंदिर।
- प्राकृतिक एवं साहसिक स्थल: हर्षिल की सुंदर वादियां, भैरव घाटी और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नेलांग घाटी।
”इस फेम टूर का मुख्य उद्देश्य उत्तरकाशी को ’12-महीने के पर्यटन गंतव्य’ के रूप में स्थापित करना है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि निवासियों को साल भर रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।”
— प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी
उत्साहित दिखे टूर ऑपरेटर्स
एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (ADTOI) के अध्यक्ष वेद खन्ना ने भी मुखवा और हर्षिल का भ्रमण किया। उन्होंने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में देश भर के पर्यटकों के बीच इन अछूते स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
देशभर से आए आगंतुकों ने जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और स्थानीय होटल एसोसिएशन के आतिथ्य के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह आयोजन उत्तरकाशी के पर्यटन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

