डीआईईटी गौचर में पांच दिवसीय हस्तलेखन कार्यशाला शुरू

गौचर, 2 जनवरी (गुसाईं)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) गौचर में विद्यार्थियों के लेखन कौशल के विकास के उद्देश्य से पांच दिवसीय हस्तलेखन कार्यशाला शुरू हो गई। उद्घाटन अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों में सुंदर, स्पष्ट और प्रभावी लेखन की आदत विकसित करने पर जोर दिया।
डायट के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कहा कि हस्तलेखन न केवल व्यक्तित्व को निखारता है, बल्कि यह विद्यार्थी की एकाग्रता, धैर्य और अभिव्यक्ति क्षमता को भी सशक्त बनाता है।
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक नरेंद्र गिरि गोस्वामी (अध्यापक, राजकीय जूनियर हाईस्कूल करूली, बागेश्वर) एवं उनके छह शिष्यों—दीक्षा, भूमिका, नव्या, योगेश, दिव्यांशु और दीक्षित—द्वारा विद्यार्थियों को अक्षर निर्माण, शब्दों के बीच उचित दूरी, पंक्ति संयोजन, लेखन गति एवं स्वच्छता जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को दैनिक अभ्यास कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि उनके लेखन में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके।
कार्यशाला में नगर के विभिन्न विद्यालयों के 150 छात्र-छात्राएं तथा 30 डी.एल.एड. प्रशिक्षु प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन अवसर पर कार्यशाला समन्वयक डा. कमलेश कुमार मिश्र, डायट संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी, योगेंद्र बर्तवाल, रविंद्र सिंह बर्तवाल, डा. गजपाल रामराज, सुश्री नीतू सूद, श्रीमती सुमन भट्ट, बच्चन लाल जितेला सहित सभी संकाय सदस्य, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक तथा प्रशिक्षु उपस्थित रहे
