पांच साल बाद भी अधूरा जौरासी–तोणजी मोटर मार्ग, ग्रामीणों ने डीएम से की हस्तक्षेप की मांग
पोखरी, 16 फरवरी (राणा)। जौरासी–तोणजी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य स्वीकृति के पांच वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। कार्यदायी संस्था की ओर से अपेक्षित प्रगति न होने के कारण सड़क अधूरी और जर्जर हालत में पड़ी है। इससे नाराज तोणजी और किमोठा गांवों के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर मार्ग की स्थिति में शीघ्र सुधार की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि तोणजी और किमोठा के ग्रामीणों के लंबे प्रयासों के बाद वर्ष 2017 में 9 किलोमीटर लंबे जौरासी–तोणजी मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली थी। प्रथम चरण में पीएमजीएसवाई डिवीजन पोखरी द्वारा वर्ष 2021 में लगभग 7.5 किलोमीटर सड़क की कटिंग की गई। इसके बाद द्वितीय चरण में नालियों, पुस्तों, स्कवरों के निर्माण तथा डामरीकरण का कार्य एनपीसीसी को सौंपा गया, लेकिन यह कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि नालियों, पुस्तों और स्कवरों का निर्माण अधूरा है तथा डामरीकरण भी पूरी तरह नहीं किया गया। जहां आंशिक डामरीकरण हुआ, वह गुणवत्ता के अभाव में उखड़ चुका है, जिससे सड़क पर धूल और गड्ढों की समस्या बनी हुई है। इसके चलते आवागमन में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सड़क निर्माण के दौरान जिन किसानों की भूमि का उपयोग किया गया, उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। नालियों के अभाव में बरसात के दौरान पानी खेतों और गांव की ओर बह जाता है, जिससे कृषि भूमि को नुकसान पहुंच रहा है और गांवों को खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर प्रतिदिन वाहन चालक और स्थानीय लोग जोखिम उठाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। इस संबंध में पहले भी तहसील दिवस सहित विभिन्न माध्यमों से प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन देने वालों में जिला सहकारी बैंक के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह नेगी, तोणजी की प्रधान राजेश्वरी देवी, किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, पूर्व प्रधान मुकेश नेगी, मधुसूदन किमोठी, सूबेदार मातबर नेगी, हुकम सिंह नेगी, हयात सिंह बिष्ट सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो वे तहसील परिसर पोखरी में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
