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टीएमयू में फॉरेंसिक स्टुडेंट्स साइंटिफिक एप्रोच से अपडेट

 

मुरादाबाद, २ अक्टूबर।  तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज़ के फॉरेंसिक साइंस विभाग की ओर से पहली बार आयोजित फॉरेंसिक वीक – प्रमाणः द प्रूफ ऑफ़ साइंस 2025 में विशेषज्ञों ने यूजी, पीजी स्टुडेंट्स, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों के साथ प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर कोर्ट प्रोसीजर, स्पॉट मैनेजमेंट और फॉरेंसिक साइंस की प्रैक्टिकल बारीकियों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया।

टीएमयू लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने फॉरेंसिक साइंस के भविष्य और समाज में इसकी बढ़ती भूमिका पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में ऑटोप्सी-पोस्टमार्टम एग्जामिनेशन, क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन, नुक्कड़ नाटक और मूट कोर्ट डिमॉन्स्ट्रेशन के जरिये छात्रों को फॉरेंसिक विज्ञान के विभिन्न आयामों से रूबरू कराया गया।\

गेस्ट एक्सपर्ट डॉ. प्रमोद डोडे ने वर्चुअल ऑटोप्सी एग्जामिनेशन पर आधुनिक डिजिटल तकनीकों और फॉरेंसिक पद्धतियों की जानकारी दी। उन्होंने पारंपरिक एवं आधुनिक दृष्टिकोणों से पोस्टमार्टम प्रक्रियाओं को समझाते हुए छात्रों को व्यापक दृष्टि प्रदान की।

कार्यक्रम का उद्घाटन टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, चीफ प्रॉक्टर प्रो. एस.के. सिंह और एसोसिएट डीन एकेडमिक्स डॉ. अमित कंसल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन (CSI)
इस सत्र में छात्रों ने घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन और संरक्षण की तकनीकें सीखीं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुनीत कुमार ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की मानक कार्यप्रणालियों, केस स्टडीज़ और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला।

ज्ञान और रचनात्मकता का संगम
फॉरेंसिक क्विज़ के जरिये छात्रों की जानकारी, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को परखा गया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों—नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों में छात्रों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया।

इंटरडिसिप्लिनरी चर्चा
फॉरेंसिक साइंस को मेडिसिन, लॉ, आईटी और साइकोलॉजी जैसे विषयों से जोड़ने पर भी गंभीर विमर्श हुआ।

पूरे सप्ताह के दौरान पैरामेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार, डॉ. रूचि कांत, एचओडी श्री रवि कुमार, श्री राकेश कुमार, श्री अमित बिष्ट, श्री योगेश कुमार, श्री आकाश चौहान, सुश्री अंशिका श्रीवास्तव, सुश्री सौम्या त्रिपाठी और सुश्री अपूर्वा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।

उल्लेखनीय है कि यह फॉरेंसिक वीक टीएमयू की उस सोच का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता और सामाजिक जिम्मेदारी से भी सशक्त किया जाता है।

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