उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष : वन्यजीवों को वनों में ही रोकने के उपायों पर जोर

देहरादून, 17 दिसंबर (डीपी)। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तराखंड वन मुख्यालय में वन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं (CSS), कैंपा फंड के वित्तीय प्रावधानों, वनाग्नि प्रबंधन की तैयारियों तथा फील्ड स्तर पर की जा रही कार्यवाहियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
वन मंत्री ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक कार्यवाहियां समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से सुनिश्चित की जाएं। विशेष रूप से सरज (Surge) के कारण उत्पन्न मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के त्वरित और प्रभावी समाधान पर उन्होंने जोर दिया।
बैठक में 12 जून 2025 को आयोजित पूर्व विभागीय समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत राज्य सेक्टर योजनाओं, केंद्र पोषित योजनाओं और कैंपा योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
वन मंत्री ने विभागीय जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता से ही मानव–वन्यजीव सह-अस्तित्व को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने जंगलों में फलदार प्रजातियों के वृक्षारोपण को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण सुनिश्चित करने तथा वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने पर भी बल दिया।
वनाग्नि प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्री उनियाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाग्नि की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विभागीय कर्मियों की सतर्कता, उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। बैठक में नर्सरी प्लान 2025–26, वन पंचायतों में जल–मृदा संरक्षण योजनाओं, वन्यजीव संरक्षण वर्ष–2025, वाहन सहायता योजनाओं तथा बाह्य सहायतित परियोजनाओं (सीपीडी–जाइका) की प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और जनसुरक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF), प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (PCCF), मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (वाइल्डलाइफ वार्डन) सहित सभी क्षेत्रीय मुख्य वनाधिकारी एवं प्रभागीय वनाधिकारी प्रत्यक्ष अथवा वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
