रायबहादुर पातीराम के गांव में सड़क कटिंग को लेकर ग्रामीणों व वन विभाग के बीच टकराव
पोखरी, 2 फरवरी (राजेश्वरी राणा)। विकास खंड पोखरी के अंतर्गत ब्रिटिश शासनकाल में राय बहादुर की उपाधि से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. पातीराम परमार का गांव डुंगर आज़ादी के अमृत काल में भी सड़क सुविधा से वंचित है। वर्षों से ग्रामीण शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीएमजीएसवाई) से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लगातार अनदेखी के चलते ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने स्वयं सड़क निर्माण की पहल शुरू कर दी।

शनिवार सायं ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर सर्वदान के माध्यम से ग्राम प्रधान दीक्षा बर्तवाल के नेतृत्व में पोखरी-हापला मोटर मार्ग के बचवाण दमतोली तोक से गांव की ओर सड़क कटिंग का कार्य आरंभ किया। महिलाएं और पुरुष कुदाल, गैती और फावड़े लेकर श्रमदान में जुटे, जबकि जेसीबी की मदद से अब तक लगभग एक किलोमीटर सड़क की कटिंग की जा चुकी है। वहीं गांव के एक अन्य गुट द्वारा जौरासी-तोणजी मोटर मार्ग के अतरी तोक से गांव की ओर पहले ही चंदा और सर्वदान के जरिए करीब 400 मीटर सड़क काटी जा चुकी है।
सड़क कटिंग की सूचना मिलते ही अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग की पोखरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह वन कर्मियों के साथ बचवाण तोक दमतोली पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि संबंधित भूमि वन पंचायत की है और वन विभाग की अनुमति के बिना सड़क कटिंग करना नियमों के विरुद्ध है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और वन कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्य जारी रखने पर अड़े रहे।
वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह ने बताया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी और उपजिलाधिकारी पोखरी को भेजी जा रही है, जिसके बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान दीक्षा बर्तवाल का कहना है कि वन विभाग अनावश्यक अड़चनें पैदा कर रहा है। यह ग्राम पंचायत की वन पंचायत भूमि है और गांव को सड़क से जोड़ना ग्रामीणों की वर्षों पुरानी वाजिब मांग है। फिलहाल शनिवार को कार्य रोक दिया गया है, आगे की रणनीति ग्रामीण आपसी चर्चा के बाद तय करेंगे।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह, वन आरक्षी उमेद सिंह नेगी, अमित भंडारी, ग्राम प्रधान दीक्षा बर्तवाल, वन पंचायत सरपंच सत्येंद्र बर्तवाल, संजय बर्तवाल, रणजीत नेगी, इंदूभूषण नेगी, नवीन नेगी, राजकिशोर सिंह, आनंद सिंह, पवन, अजली देवी, सुनीता देवी, सुशीला देवी, ऊमा देवी, अंबिका नेगी, दिलदेई देवी, शालिनी देवी, सरस्वती देवी, नरेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
पोखरी, 2 फरवरी (राजेश्वरी राणा)। विकास खंड पोखरी के अंतर्गत ब्रिटिश शासनकाल में राय बहादुर की उपाधि से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. पातीराम परमार का गांव डुंगर आज़ादी के अमृत काल में भी सड़क सुविधा से वंचित है। वर्षों से ग्रामीण शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीएमजीएसवाई) से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लगातार अनदेखी के चलते ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने स्वयं सड़क निर्माण की पहल शुरू कर दी।
शनिवार सायं ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर सर्वदान के माध्यम से ग्राम प्रधान दीक्षा बर्तवाल के नेतृत्व में पोखरी-हापला मोटर मार्ग के बचवाण दमतोली तोक से गांव की ओर सड़क कटिंग का कार्य आरंभ किया। महिलाएं और पुरुष कुदाल, गैती और फावड़े लेकर श्रमदान में जुटे, जबकि जेसीबी की मदद से अब तक लगभग एक किलोमीटर सड़क की कटिंग की जा चुकी है। वहीं गांव के एक अन्य गुट द्वारा जौरासी-तोणजी मोटर मार्ग के अतरी तोक से गांव की ओर पहले ही चंदा और सर्वदान के जरिए करीब 400 मीटर सड़क काटी जा चुकी है।
सड़क कटिंग की सूचना मिलते ही अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग की पोखरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह वन कर्मियों के साथ बचवाण तोक दमतोली पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि संबंधित भूमि वन पंचायत की है और वन विभाग की अनुमति के बिना सड़क कटिंग करना नियमों के विरुद्ध है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और वन कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्य जारी रखने पर अड़े रहे।
वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह ने बताया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी और उपजिलाधिकारी पोखरी को भेजी जा रही है, जिसके बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान दीक्षा बर्तवाल का कहना है कि वन विभाग अनावश्यक अड़चनें पैदा कर रहा है। यह ग्राम पंचायत की वन पंचायत भूमि है और गांव को सड़क से जोड़ना ग्रामीणों की वर्षों पुरानी वाजिब मांग है। फिलहाल शनिवार को कार्य रोक दिया गया है, आगे की रणनीति ग्रामीण आपसी चर्चा के बाद तय करेंगे।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह, वन आरक्षी उमेद सिंह नेगी, अमित भंडारी, ग्राम प्रधान दीक्षा बर्तवाल, वन पंचायत सरपंच सत्येंद्र बर्तवाल, संजय बर्तवाल, रणजीत नेगी, इंदूभूषण नेगी, नवीन नेगी, राजकिशोर सिंह, आनंद सिंह, पवन, अजली देवी, सुनीता देवी, सुशीला देवी, ऊमा देवी, अंबिका नेगी, दिलदेई देवी, शालिनी देवी, सरस्वती देवी, नरेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
