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पिटकुल में पारदर्शिता और विशेष लेखा परीक्षण की मांग, प्रबंध निदेशक को ज्ञापन

देहरादून, 2 मार्च 2026। जन प्रहार संगठन ने आज पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के नव नियुक्त प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपकर निगम में पारदर्शिता, वैधानिक अनुपालन और विशेष लेखा परीक्षण कराने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में निगम की कार्यप्रणाली, नियुक्ति प्रक्रिया और वित्तीय निर्णयों की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पिटकुल के पूर्व प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश चंद्र ध्यानी को शासन द्वारा उस समय पद से हटाया गया, जब न्यायालय की अवमानना से संबंधित नोटिस प्राप्त हुआ। इसके बाद नए प्रबंध निदेशक को निगम का प्रभार सौंपा गया। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब निगम की कार्यप्रणाली और वित्तीय निर्णयों को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठ रहे हैं।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 18 फरवरी 2026 के अपने आदेश में पूर्व प्रबंध निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की थीं। न्यायालय ने सेवा नियमों, पात्रता मानकों और चयन प्रक्रिया के समुचित पालन पर प्रश्न उठाते हुए सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति और विधिक औपचारिकताओं में विचलन की बात कही थी।
जन प्रहार ने ज्ञापन में आशंका व्यक्त की है कि नियुक्ति के बाद लिए गए कुछ वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों में पक्षपात, हितों के टकराव और सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। संगठन का कहना है कि पिटकुल एक राज्य स्तरीय सार्वजनिक उपक्रम है, जिसमें सार्वजनिक निधियों का उपयोग होता है, इसलिए प्रत्येक व्यय और निर्णय का परीक्षण पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के उच्च मानकों पर होना चाहिए।
संगठन ने उच्च न्यायालय को भी एक प्रार्थना पत्र भेजकर निगम के वित्तीय लेनदेन, निविदा प्रक्रियाओं, नियुक्तियों और प्रशासनिक आदेशों का विशेष एवं स्वतंत्र लेखा परीक्षण कराने का अनुरोध किया है। आवश्यकता पड़ने पर गहन तकनीकी जांच और उत्तरदायित्व निर्धारण सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
जन प्रहार ने नव नियुक्त प्रबंध निदेशक से अपेक्षा की है कि सभी विवादित निर्णयों और वित्तीय प्रक्रियाओं की आंतरिक समीक्षा तत्काल शुरू की जाए। साथ ही आवश्यकता होने पर स्वतंत्र एजेंसी से विशेष लेखा परीक्षण कराने की संस्तुति की जाए।

संगठन ने यह भी कहा है कि 18 फरवरी 2026 को नियुक्ति निरस्त होने के बाद श्री ध्यानी द्वारा लिए गए सभी निर्णयों की विधिक समीक्षा कर, किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की आशंका पाए जाने पर जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि नियुक्ति निरस्त होने के बाद निगम के कार्यों में किसी प्रकार का अनधिकृत हस्तक्षेप न होने दिया जाए और सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए ठोस प्रशासनिक सुधार लागू किए जाएं।

जन प्रहार ने विश्वास व्यक्त किया है कि नए नेतृत्व में पिटकुल में विधिक और प्रशासनिक शुचिता की पुनर्स्थापना होगी तथा जनविश्वास को मजबूती मिलेगी। संगठन ने पूरे प्रकरण में शीघ्र, समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा की है।

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