शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जयन्ती पर निष्पक्ष, निडर और बेधड़क पत्रकारिता का आवाहन

Spread the love

हरिद्वार 26 अक्टूबर।

शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि पत्रकारों के कंधों पर समाज और राष्ट्र के निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए  उन्हें किसी दबाव या प्रलोभन में न आ कर निष्पक्ष, निडर  वॉर बेवाक  हो कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक और पत्रकार कभी भी भ्रष्ट नहीं हो सकते अगर ऐसा हुआ तो समाज और राष्ट्र का बहुत नुकसान होगा। स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज मंगलवार को कनखल स्थित जगतगुरु आश्रम में “नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) हरिद्वार” इकाई की ओर से आयोजित अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जयंती समारोह को अध्यक्ष से पद से संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रतिभाओं को गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान से सम्मानित किया गया। स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने पत्रकारिता से जुड़े कई प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए लड़ी गई लड़ाई और उसके बाद विकास की प्रक्रिया में पत्रकारों ने विशेष भूमिका निभाई। तेजी से हालात बदल रहे हैं। आज संघर्षशील पत्रकार बनने के बजाय हाई-फाई पत्रकार बनना लोग ज्यादा पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पत्रकारिता को नौकरी समझ कर करना चाहते हैं वह कभी सच्चे पत्रकार नहीं बन सकते। पत्रकार को उन तमाम चुनौतियां से भी निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए जो पत्रकारिता के साथ जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी को प्रेरणा बताते हुए युवा पत्रकारों से उनके जीवन आदर्शों को अपने व्यक्तित्व में उतारने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि विधानसभाध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जमाना तेजी से बदल रहा है राजनीति हो या पत्रकारिता कोई भी क्षेत्र गिरावट से बचा नहीं है लेकिन पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। उन्होंने बेहतर कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता एवं प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रावत ने कहा कि पत्रकारिता व्यवसाय समाज को सूचित कर जगाने या जानकारी देने का है। जानकारी देना ज्ञान बढ़ाने का कार्य ही है। इसलिये पत्रकारिता मानव विकास की प्रकृया के साथ ही आगे बढ़ती रहती है। आज मानव सभ्यता जहां पर भी है उसमें पत्रकारिता का अहं योगदान है। चाहे पत्रकारिता डुगडुगी, या मुनादी युग की हो या शिलालेख की हो या फिर छापेखानों से निकली पत्रकारिता हो जो कि आज इलैक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशियल मीडिया के साथ अंतरिक्ष युग में पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकारिता या सूचनाओं के प्रसारण की व्यवस्था विकसित न होंती तो वास्कोडिगामा या कोलम्बस जैसे खोजकर्ता अब भी विभिन्न देशों के तटों पर भटकते रहते। पत्रकारिता के ही कारण आज दुनिया एक विश्व गांव बन गयी है और मोबाइल के रूप में सम्पूर्ण संसार लोगों की जेब में आ गया है।

जयसिंह रावत ने कहा कि छापेखानों से निकली पत्रकारिता का भारत में प्रवेश प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों के भारत में पांव टिकाने के बाद तब शुरू हुआ जबकि ऑगस्टस हिक्की ने कलकत्ता जनरल एडवर्टाइजर के नाम से 1780 में पहला अखबार निकाला। इसके बाद जुगल किशोर शुक्ल ने उदन्त मार्तण्ड के नाम से 30 मई 1826 से हिन्दी अखबार का प्रकाशन शुरू किया। उन्होंने कहा कि शुरू में अखबारों की भूमिका केवल सामाजिक चेतना की थी। फिर अखबारों ने स्वाधीनता आन्दोलन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जब देश आजाद हुआ तो राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाई। आजादी के आन्दोलन में गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे पत्रकारों ने अंग्रेजों की दमनकारी नीति की परवाह न करते हुये अपनी लेखनी से आन्दोलन को धार दी। विद्यार्थी का अखबार ‘‘प्रताप’’ पूरी तरह स्वाधीनता संग्राम को समर्पित था। वह पत्र मजदूरों और किसानों का भी बड़ा हितैषी था। उसके बाद 1822 से चांद नाम की पत्रिका शुरू हुयी जिसमें ’’प्रताप’’ की ही तरह चन्द्र शेखर आजाद, सरदार भगत सिंह अशफाकउल्ला और राम प्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी छद्म नामों से लिखा करते थे। क्रांतिकारियों ने ‘‘प्रताप’’ में भी छद्म नामों से काफी लिखा। रावत ने चांद पत्रिका का वह ‘‘फांसी अंक’’ दिखाया जिसमें महान क्रांतिकारियों की रचनायें छपीं थी और जिसके छपते ही सारी प्रतियां जब्त कर दी गयीं थीं। उस अंक को अपने पास रखना भी अपराध था।

मुख्य वक्ता जय सिंह रावत ने कहा कि पत्रकारिता जहां से शुरू हुई थी। उसका स्वरूप काफी बदल चुका है। पत्रकारिता के नाम पर चाटुकारिता हावी होती जा रही है। उन्होंने महात्मा गांधी से जुड़े कई प्रसंगों का भी जिक्र किया और बताया कि हरिद्वार में ही सबसे पहले गांधी को महात्मा की उपाधि दी गई थी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभाएं कूट कूट कर भरी हुई हैं। पत्रकारों के सामने पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।

ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राठौर ने भी राष्ट्र और समाज के उत्थान में पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। हरिद्वार नगर निगम मेयर अनीता शर्मा ने सभी पत्रकारों से अपने व्यक्तित्व में गणेश शंकर विद्यार्थी को उतारने की अपील की।

कार्यक्रम को एनयूजे आई के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र हर्ष, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष गुलशन नैयर, हरिद्वार प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेंद्र नाथ गोस्वामी, महासचिव राजकुमार और वरिष्ठ पत्रकार स्वामी शिवशंकर गिरी आदि ने भी संबोधित किया। मुख्य संयोजक आशीष मिश्रा के संयोजन और यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष बालकृष्ण शास्त्री और राजेश शर्मा के संयुक्त संचालन में संपन्न हुए कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी और महामंत्री सुनील पाल ने अतिथियों का स्वागत किया। विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने के लिए कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया जिनमें प्रमुख रूप से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शिवशंकर जायसवाल, वरिष्ठ पत्रकार राहुल वर्मा और युवा फोटोजर्नलिस्ट शिवांग अग्रवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में, दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा को शिक्षा के क्षेत्र में, डॉ. नरेश चौधरी को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में श्रीकृष्ण सुकुमार को साहित्य के क्षेत्र में तथा युवा पार्षद अनुज सिंह और कन्हैया खेवड़िया को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, एनयूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील दत्त पांडे, भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सदस्य रोहन सहगल वास्तुविद सपना श्री, भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री विकास तिवारी, पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष संजय चोपड़ा, समाजसेवी विशाल गर्ग, व्यापारी नेता संजीव चौधरी, भगवत शरण अग्रवाल, हरिद्वार लेडीज क्लब की अध्यक्ष शशि झा, महामंत्री अंजू मिश्रा, रचना शर्मा, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष विमला पांडे, सुषमा सहगल, परशुराम अखाड़ा के पंडित अधीर कौशिक, वुशु की प्रशिक्षक आरती सैनी, वरिष्ठ पत्रकार निशांत खनी, वाइल्ड फोटोग्राफर उर्मिला पंडिता, वरिष्ठ पत्रकार रजनीकांत शुक्ला, नरेश गुप्ता अविक्षित रमन, ललितेंद्र नाथ, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष संजय आर्य, महामंत्री अमित गुप्ता, देवेंद्र शर्मा, राधिका नागरथ, सुभाष कपिल अवधेश शिवपुरी संदीप शर्मा संदीप रावत अनूप कुमार, राजीव लखेड़ा, अनिल शर्मा, ठाकुर शैलेंद्र सिंह, विकास चौहान, रोहित सिखौला, रुपेश वालिया, सुमित यशकल्याण, अरुण कश्यप, अमित शर्मा, श्रवण झा, रविंदर पाल सिंह, दीपक नौटियाल, तनवीर अली, संजय रावल, मनोज रावत, सचिन कुमार, पुलकित शुक्ला, ओम प्रयास, सचिन सैनी, प्रमोद गिरी, लव शर्मा, मनीष कागरान, गौरव कश्यप, तुषार गुप्ता, अनमोल कुमार, मनोज खन्ना, कुमकुम शर्मा, नितिन राणा, हरीश कोरी, जीतू, जितेंद्र चौरसिया समेत सभी बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!