गौचर मेला तो गया मगर गन्दगी रह गयी, सफाई करने वाला कोई नहीं
-गौचर से दिग्पाल गुसाईं –
जनपद चमोली के गौचर मैदान में 14 नवंबर से आयोजित सात दिवसीय गौचर मेले के समापन के चार दिन बाद भी मैदान में गंदगी का अंबार लगे होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की है।
हर साल आयोजित होने वाले गौचर औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की बैठकों में सफाई का मुद्दा उठाया जाता है। लेकिन ताजुब तो इस बात का है कि मेला समापन के चार दिन बीत जाने के बाद भी इस बार भी गौचर मैदान की सफाई न किए जाने से मैदान में तमाम कूड़ा करकट का अंबार लगे होने पर स्थानीय व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा आगे से मेले का विरोध करने के सिवाय उनके सामने और कोई विकल्प नहीं रह गया है।
पालिकाध्यक्ष अंजू बिष्ट का कहना है कि नगरपालिका का मेले से कोई लेना-देना नहीं है। बैठकों में लिए गए निर्णय के अनुसार मेला प्रशासन को ही मैदान की सफाई करानी थी लेकिन मेला प्रशासन ने सफाई करने के बजाय मेले में लगे सफाई कर्मियों को 21 तारीख को ही हटा दिया है। उनका कहना है कि उनके पास सीमित सफाई कर्मी हैं। इन सफाई कर्मियों पर ज्यादा भार पड़ने से उन्होंने भी मैदान की सफाई करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
दूसरी ओर व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष जयकृत बिष्ट आदि कहना है कि मेला प्रशासन का इस प्रकार का रवैया ठीक नहीं है। उनका कहना है समय रहते मैदान की सफाई नहीं की गई तो मैदान का कूड़ा हवा के साथ मुख्य बाजार में भी गंदगी फैला सकता है। इन लोगों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि समय रहते मैदान की सफाई नहीं की गई तो उन्हें आंदोलन के लिए वाद्य होना पड़ सकता है।
