शिक्षा/साहित्य

दून लाइब्रेरी में गढ़वाली लोकभाषा और कविता लेखन का आयोजन

देहरादून, 3 जनवरी। शनिवार को दून लाइब्रेरी के बाल अनुभाग में गढ़वाली लोकभाषा और कविता लेखन पर एक रोचक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 10 बच्चों ने भाग लिया, जबकि दो स्वयंसेवकों ने सहयोग किया।

सत्र का संचालन उभरती हुई गढ़वाली कवयित्री सुश्री सुरभि रावत ने किया। उन्होंने बच्चों को सरल और संवादात्मक शैली में अंग्रेज़ी से हिंदी होते हुए गढ़वाली भाषा की ओर मार्गदर्शन किया। इस दौरान बच्चों ने नए गढ़वाली शब्द सीखे और अपनी भावनाओं को कविता के माध्यम से व्यक्त करने का अभ्यास किया। सत्र के अंत तक बच्चे आत्मविश्वास के साथ गढ़वाली में बातचीत करते और कविताएँ रचते नज़र आए।

यह सत्र दून लाइब्रेरी के बाल अनुभाग की उस सतत पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के दैनिक जीवन में मातृभाषा के प्रयोग को प्रोत्साहित करना है। यह प्रयास राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें कहा गया है कि मातृभाषा बच्चे के बौद्धिक, भावनात्मक और आलोचनात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है—विशेष रूप से सुरक्षित और सहयोगी शिक्षण वातावरण में।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!