क्षेत्रीय समाचार

ऐतिहासिक गौचर मेले को पौराणिक संस्कृति के साथ भव्य बनाने का निर्णय

-गौचर से दिग्पाल गुसाईं –

जनपद चमोली के गौचर मैदान में 14 से 20 नवंबर तक आयोजित होने वाले राजकीय एतिहासिक गौचर मेले की प्रथम बैठक में मेले को पौराणिक संस्कृति को संरक्षित रखते हुए दिव्य व भव्य बनाने का निर्णय लिया गया।

रा इ का गौचर के सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेला अध्यक्ष जिलाधिकारी चमोली ने कहा कि बैठक में जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर गंभीरता से अमल करते हुए पहले की त्रुटियों को सुधारकर मेले की पौराणिक संस्कृति को संरक्षित रखते हुए दिव्य व भव्य बनाने का भरसक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के सहयोग की भी आवश्यकता है।

मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि इसके लिए पुलिस के साथ अलग से बैठक कर समाधान निकाला जाएगा। हुड़दंगियों पर व अराजक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए सी सी टी वी कैमरे लगाए जाएंगे। डी एम का कहना था कि मेले को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए स्थानीय कलाकारों के साथ ही देश के नामी-गिरामी कलाकारों को भी सामिल करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यह मेला एतिहासिक ही नहीं बल्कि यहां की संस्कृति की धरोहर भी। मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि अधिकांश लोगों ने सांस्कृतिक पांडाल की शिकायत की है इसमें भी सुधार किया जाएगा। सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। मेलाधिकारी उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग कमलेश मेहता ने बैठक में उपस्थित होने के लिए जिलाधिकारी सहित तमाम अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मेले की ख्याति को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।

इससे पूर्व तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने आय व्यय प्रस्तुत करते हुए कहा कि गत मेले में विभिन्न श्रोतों से 1 करोड़ 35 लाख 48 हजार की धनराशि प्राप्त हुई थी। जिसमें से 1 करोड़ 13 लाख रुपए व्यय किए गए। अभी कुछ लोगों की देनदारी बाकी है। इससे पूर्व गौचर पुलिस चौकी प्रभारी मानवेन्द्र गुसाईं ने पार्किंग व्यवस्था बढ़ाने व हुड़दंग मचाने वालों पर नकेल कसने के लिए सी सी टी वी कैमरे बढ़ाए जाने पर जोर दिया।

कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुनील पंवार ने पांडाल व्यवस्था में सुधार लाने के साथ ही मुख्य बाजार की गलियों में लाइट की व्यवस्था करने की मांग की। मुकेश नेगी ने स्थानीय कलाकारों को वरियता देने का मामला उठाते हुए कहा कि इससे मेले में निखार आएगा। व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने कहा कि मेले समापन के बाद भी बाहरी व्यापारियों के मैदान में डटे रहने से स्थानीय व्यापारियों को नुक़सान उठाना पड़ता है। मेला समापन के बाद बाहरी व्यापारियों को शीघ्र मैदान खाली करने को कहा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि गौचर क्षेत्र में लगातार हो रही विद्युत कटौती व पेयजल समस्या से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एन एच द्वारा बनाई गई नालियों का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि गौचर क्षेत्र के लोग बंदरों व लंगूरों से भारी परेशान है कोई सुनने को तैयार नहीं है।

प्रदीप चौहान ने कहा कि मेले को पाश्चात्य संस्कृति की ओर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष संदीप नेगी ने गौचर में आधार कार्ड सेंटर खोलने की मांग रखी। ब्लाक प्रमुख चंद्रेश्वरी रावत व गौचर पालिकाध्यक्ष अंजू बिष्ट ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का मामला उठाया। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव के संचालन में हुए इस बैठक में जगदीश कनवासी, विजय प्रसाद डिमरी,सुरेश कुमार,एम एल, अनूप नेगी, उमराव सिंह, ताजबर कनवासी, सुरेंद्र सिंह नेगी,डायट के प्राचार्य लखपत बर्तवाल, रा इ का के प्रधानाचार्य डा0 कुशल सिंह भंडारी, अपर जिलाधिकारी डा अभिषेक त्रिपाठी आदि न भी विचार व्यक्त किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!